Q. प्राचीन भारत में व्यापारी क्या कार्य करते थे?
Ans. व्यापारी वस्तुओं का क्रय-विक्रय करते थे।
Q. व्यापार के लिए कौन-कौन से मार्ग उपयोग किए जाते थे?
Ans. स्थलीय और समुद्री मार्ग उपयोग किए जाते थे।
Q. रेशम मार्ग (Silk Route) क्या था?
Ans. एशिया और यूरोप को जोड़ने वाला प्रसिद्ध व्यापारिक मार्ग था।
Q. रेशम मार्ग का नाम रेशम मार्ग क्यों पड़ा?
Ans. क्योंकि इस मार्ग से चीन का रेशम व्यापार होता था।
Q. दक्षिण भारत के व्यापारी किन देशों से व्यापार करते थे?
Ans. रोमन साम्राज्य तथा दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों से।
Q. संगम साहित्य क्या है?
Ans. तमिल भाषा का प्राचीन साहित्य जो दक्षिण भारत के इतिहास की जानकारी देता है।
Q. पुहार किस लिए प्रसिद्ध था?
Ans. यह एक प्रमुख बंदरगाह और व्यापारिक नगर था।
Q. सातवाहन कौन थे?
Ans. दक्षिण भारत के एक शक्तिशाली राजवंश के शासक थे।
Q. सातवाहनों की राजधानी क्या थी?
Ans. प्रतिष्ठान (पैठन)।
Q. कुषाण वंश का सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था?
Ans. कनिष्क।
Q. कनिष्क का महत्व क्या था?
Ans. उसने बौद्ध धर्म के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Q. तीर्थयात्री कौन होते हैं?
Ans. धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले लोग।
Q. फाह्यान कौन था?
Ans. चीन का एक प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थयात्री।
Q. ह्वेनसांग कौन था?
Ans. चीन का एक प्रसिद्ध यात्री और विद्वान।
Q. फाह्यान भारत क्यों आया था?
Ans. बौद्ध धर्म और भारतीय समाज का अध्ययन करने।
Q. ह्वेनसांग ने भारत के बारे में क्या जानकारी दी?
Ans. उसने शिक्षा, धर्म और समाज का विस्तृत वर्णन किया।
Q. बौद्ध धर्म का प्रसार किन माध्यमों से हुआ?
Ans. व्यापारियों, भिक्षुओं और यात्रियों के माध्यम से।
Q. व्यापार का राज्यों की समृद्धि में क्या योगदान था?
Ans. इससे आर्थिक विकास और राजस्व में वृद्धि हुई।
Q. समुद्री व्यापार के लिए किन स्थानों का महत्व था?
Ans. बंदरगाह नगरों का।
Q. इस अध्याय का मुख्य विषय क्या है?
Ans. व्यापार, राज्यों और तीर्थयात्रियों की भूमिका का अध्ययन।