Q. परिमेय संख्या किसे कहते हैं?
Ans. जिस संख्या को p/q के रूप में लिखा जा सके, जहाँ p और q पूर्णांक हों तथा q शून्य न हो, उसे परिमेय संख्या कहते हैं।
Q. परिमेय संख्या का सामान्य रूप क्या है?
Ans. परिमेय संख्या का सामान्य रूप p/q है, जहाँ p और q पूर्णांक हैं तथा q ≠ 0।
Q. क्या शून्य एक परिमेय संख्या है?
Ans. हाँ, क्योंकि शून्य को 0/1 के रूप में लिखा जा सकता है।
Q. क्या प्रत्येक पूर्णांक परिमेय संख्या है?
Ans. हाँ, प्रत्येक पूर्णांक को 1 से भाग देकर p/1 के रूप में लिखा जा सकता है।
Q. क्या 3/5 एक परिमेय संख्या है?
Ans. हाँ, क्योंकि 3 और 5 पूर्णांक हैं तथा हर शून्य नहीं है।
Q. क्या 5/0 परिमेय संख्या है?
Ans. नहीं, क्योंकि परिमेय संख्या में हर शून्य नहीं हो सकता।
Q. समतुल्य परिमेय संख्याएँ क्या होती हैं?
Ans. वे परिमेय संख्याएँ जो अलग-अलग रूप में लिखी होने पर भी समान मान रखती हैं, समतुल्य परिमेय संख्याएँ कहलाती हैं।
Q. 2/3 की दो समतुल्य परिमेय संख्याएँ लिखिए।
Ans. 4/6 और 6/9, 2/3 की समतुल्य परिमेय संख्याएँ हैं।
Q. परिमेय संख्या को मानक रूप में कैसे लिखते हैं?
Ans. अंश और हर का HCF लेकर दोनों को उससे भाग देते हैं तथा हर को धनात्मक रखते हैं।
Q. 6/8 का मानक रूप क्या है?
Ans. 6/8 का मानक रूप 3/4 है।
Q. परिमेय संख्याओं का योग कैसे करते हैं?
Ans. समान हर होने पर अंशों को जोड़ते हैं। अलग-अलग हर होने पर पहले समान हर बनाते हैं।
Q. 1/4 + 1/2 का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 1/4 + 2/4 = 3/4।
Q. 3/4 - 1/2 का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 3/4 - 2/4 = 1/4।
Q. 2/3 × 3/5 का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 2/3 × 3/5 = 6/15 = 2/5।
Q. 1/2 ÷ 1/4 का मान ज्ञात कीजिए।
Ans. 1/2 × 4/1 = 2।
Q. योगात्मक तत्समक क्या है?
Ans. शून्य योगात्मक तत्समक है, क्योंकि किसी संख्या में शून्य जोड़ने पर संख्या नहीं बदलती।
Q. गुणात्मक तत्समक क्या है?
Ans. एक गुणात्मक तत्समक है, क्योंकि किसी संख्या को एक से गुणा करने पर संख्या नहीं बदलती।
Q. किसी परिमेय संख्या का योगात्मक प्रतिलोम क्या होता है?
Ans. किसी परिमेय संख्या p/q का योगात्मक प्रतिलोम -p/q होता है।
Q. 2/7 का गुणात्मक प्रतिलोम क्या है?
Ans. 2/7 का गुणात्मक प्रतिलोम 7/2 है।
Q. क्या दो परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं?
Ans. हाँ, किसी भी दो भिन्न परिमेय संख्याओं के बीच अनंत परिमेय संख्याएँ होती हैं।