Q. रेशे किसे कहते हैं?
Ans. रेशे पतले, धागे जैसे पदार्थ होते हैं जिनसे सूत और वस्त्र बनाए जाते हैं।
Q. ऊन किन जानवरों से प्राप्त होती है?
Ans. ऊन भेड़, बकरी, याक, ऊँट और कुछ अन्य ऊन देने वाले जानवरों से प्राप्त होती है।
Q. रेशों से वस्त्र बनाने की मुख्य प्रक्रियाएँ क्या हैं?
Ans. मुख्य प्रक्रियाएँ हैं—रेशों को प्राप्त करना, उनकी सफाई करना, सूत बनाना और सूत से वस्त्र तैयार करना।
Q. भेड़ के शरीर पर बालों की क्या विशेषता होती है?
Ans. भेड़ के शरीर पर मुलायम ऊनी बाल होते हैं, जिनसे ऊन प्राप्त की जाती है।
Q. भेड़ के बाल काटने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
Ans. भेड़ के शरीर से ऊन सहित बाल काटने की प्रक्रिया कतरन कहलाती है।
Q. ऊन की धुलाई क्यों की जाती है?
Ans. ऊन से धूल, चिकनाई, पसीना और अन्य अशुद्धियाँ हटाने के लिए उसकी धुलाई की जाती है।
Q. ऊन के रेशों की छँटाई क्यों की जाती है?
Ans. ऊन के रेशों को उनकी गुणवत्ता, लंबाई और बनावट के अनुसार अलग करने के लिए छँटाई की जाती है।
Q. ऊन के रेशों से सूत कैसे बनाया जाता है?
Ans. ऊन के रेशों को साफ करके और व्यवस्थित करके कताई की जाती है, जिससे सूत बनता है।
Q. ऊन हमें ठंड से कैसे बचाती है?
Ans. ऊन के रेशों के बीच फँसी हवा ऊष्मा की कुचालक होती है, जिससे शरीर की गर्मी बाहर कम निकलती है।
Q. रेशम किससे प्राप्त होता है?
Ans. रेशम रेशम के कीट के लार्वा द्वारा बनाए गए कोकून से प्राप्त होता है।
Q. रेशम के कीट के लार्वा को क्या कहते हैं?
Ans. रेशम के कीट के लार्वा को रेशमकीट की इल्ली या कैटरपिलर कहते हैं।
Q. कोकून क्या है?
Ans. रेशमकीट की इल्ली अपने चारों ओर रेशम के महीन धागे से जो आवरण बनाती है, उसे कोकून कहते हैं।
Q. रेशम प्राप्त करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है?
Ans. रेशमकीटों के पालन और उनसे रेशम प्राप्त करने की प्रक्रिया रेशम उत्पादन या सेरीकल्चर कहलाती है।
Q. रेशमकीट मुख्य रूप से किस पौधे की पत्तियाँ खाते हैं?
Ans. रेशम उत्पादन में पाले जाने वाले सामान्य रेशमकीट मुख्य रूप से शहतूत की पत्तियाँ खाते हैं।
Q. रेशम के कोकून से धागा कैसे प्राप्त किया जाता है?
Ans. कोकून को गर्म पानी में नरम करके उसके रेशमी तंतुओं को सावधानी से खोलकर धागा निकाला जाता है।
Q. ऊन और रेशम में एक अंतर बताइए।
Ans. ऊन मुख्यतः भेड़ जैसे जानवरों के बालों से मिलती है, जबकि रेशम रेशमकीट के कोकून से प्राप्त होता है।
Q. ऊन देने वाले कुछ जानवरों के नाम बताइए।
Ans. भेड़, बकरी, याक, ऊँट और कुछ विशेष नस्ल के खरगोश ऊन प्रदान करते हैं।
Q. ऊन के रेशों को रंगने से पहले साफ करना क्यों आवश्यक है?
Ans. सफाई से धूल, चिकनाई और दूसरी अशुद्धियाँ हटती हैं, जिससे रंगाई और आगे की प्रक्रिया बेहतर होती है।
Q. रेशम का उपयोग किन वस्तुओं को बनाने में होता है?
Ans. रेशम का उपयोग साड़ियाँ, कपड़े, स्कार्फ और अन्य वस्त्र बनाने में होता है।
Q. ऊन और रेशम के उत्पादन में पशुओं की देखभाल क्यों आवश्यक है?
Ans. स्वस्थ पशु और रेशमकीट अच्छी गुणवत्ता के रेशे देने में सहायता करते हैं। उचित भोजन, स्वच्छता और देखभाल से उत्पादन बेहतर होता है।