❓ Question Answer

Chapter 20 - सामाजिक एवं राजनीतिक जीवन : लोकतंत्र में समानता

Q. समानता का क्या अर्थ है?
Ans. समानता का अर्थ है कि सभी व्यक्तियों को समान सम्मान, अधिकार और अवसर प्राप्त हों।
Q. लोकतंत्र में समानता क्यों आवश्यक है?
Ans. लोकतंत्र में समानता आवश्यक है क्योंकि प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार और राजनीतिक भागीदारी का अवसर मिलना चाहिए।
Q. भारतीय संविधान समानता के बारे में क्या कहता है?
Ans. भारतीय संविधान सभी व्यक्तियों को कानून के समक्ष समानता और कानूनों का समान संरक्षण प्रदान करता है।
Q. समानता का अधिकार किस मौलिक अधिकार का हिस्सा है?
Ans. समानता का अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 से 18 तक में वर्णित है।
Q. अनुच्छेद 14 क्या सुनिश्चित करता है?
Ans. अनुच्छेद 14 कानून के समक्ष समानता और कानूनों के समान संरक्षण की गारंटी देता है।
Q. अनुच्छेद 15 किस प्रकार के भेदभाव को रोकता है?
Ans. अनुच्छेद 15 धर्म, मूलवंश, जाति, लिंग या जन्मस्थान के आधार पर भेदभाव को रोकता है।
Q. अनुच्छेद 16 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans. अनुच्छेद 16 सरकारी रोजगार के मामलों में अवसर की समानता सुनिश्चित करता है।
Q. अस्पृश्यता के उन्मूलन का प्रावधान किस अनुच्छेद में है?
Ans. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 17 में अस्पृश्यता का उन्मूलन किया गया है।
Q. अनुच्छेद 18 किससे संबंधित है?
Ans. अनुच्छेद 18 सैन्य और शैक्षणिक विशिष्टताओं को छोड़कर उपाधियों के अंत से संबंधित है।
Q. भेदभाव क्या है?
Ans. किसी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, धर्म, लिंग या अन्य पहचान के आधार पर अनुचित अलग व्यवहार करना भेदभाव कहलाता है।
Q. क्या भारत में सभी वयस्क नागरिकों को मतदान का अधिकार है?
Ans. हाँ, निर्धारित कानूनी शर्तें पूरी करने वाले सभी भारतीय नागरिकों को 18 वर्ष की आयु से मतदान का अधिकार प्राप्त है।
Q. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार क्या है?
Ans. सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार का अर्थ है कि निर्धारित आयु पूरी करने वाले नागरिकों को बिना अनुचित भेदभाव के मतदान का अधिकार मिले।
Q. मध्याह्न भोजन योजना का एक प्रमुख उद्देश्य क्या है?
Ans. इसका उद्देश्य बच्चों के पोषण में सुधार करना और विद्यालय में उनकी उपस्थिति तथा शिक्षा को प्रोत्साहित करना है।
Q. समान अवसर का क्या अर्थ है?
Ans. समान अवसर का अर्थ है कि सभी व्यक्तियों को अपनी योग्यता विकसित करने और आगे बढ़ने के उचित अवसर मिलें।
Q. जातिगत भेदभाव समाज को कैसे प्रभावित करता है?
Ans. जातिगत भेदभाव सामाजिक अन्याय बढ़ाता है और लोगों की शिक्षा, रोजगार तथा विकास के अवसर सीमित कर सकता है।
Q. लैंगिक समानता क्या है?
Ans. लैंगिक समानता का अर्थ है कि सभी लिंगों के लोगों को समान अधिकार, सम्मान और अवसर प्राप्त हों।
Q. सरकार समानता बढ़ाने के लिए क्या कर सकती है?
Ans. सरकार कानून लागू करके, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराकर तथा वंचित समूहों के लिए विशेष उपाय अपनाकर समानता बढ़ा सकती है।
Q. सार्वजनिक स्थानों पर समानता क्यों जरूरी है?
Ans. सार्वजनिक स्थानों पर समानता जरूरी है ताकि सभी लोग बिना अनुचित भेदभाव के सुविधाओं का उपयोग कर सकें।
Q. लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. नागरिकों की भागीदारी से सरकार जनता के प्रति जवाबदेह बनती है और विभिन्न समूहों की आवाज सामने आती है।
Q. समानता स्थापित करने में नागरिकों की क्या भूमिका है?
Ans. नागरिकों को भेदभाव का विरोध करना चाहिए, दूसरों का सम्मान करना चाहिए और सभी के समान अधिकारों का समर्थन करना चाहिए।

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