❓ Question Answer

Chapter 12 - भूमि, मृदा, जल, प्राकृतिक वनस्पति एवं वन्य जीवन संसाधन

Q. भूमि संसाधन का क्या महत्व है?
Ans. भूमि पर खेती, आवास, उद्योग, सड़कें और अन्य मानवीय गतिविधियाँ निर्भर करती हैं। यह अनेक पौधों और जीवों का प्राकृतिक आवास भी है।
Q. भूमि उपयोग को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन-से हैं?
Ans. भूमि उपयोग को स्थलाकृति, मिट्टी, जलवायु, जल की उपलब्धता, जनसंख्या, तकनीक और आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित करती हैं।
Q. भूमि निम्नीकरण क्या है?
Ans. जब भूमि की गुणवत्ता और उत्पादकता कम हो जाती है, तो इसे भूमि निम्नीकरण कहते हैं। इसके कारणों में वनों की कटाई, अत्यधिक चराई, खनन और अनुचित कृषि पद्धतियाँ शामिल हैं।
Q. भूमि संरक्षण के तीन उपाय लिखिए।
Ans. वृक्षारोपण, नियंत्रित चराई और भूमि का योजनाबद्ध उपयोग भूमि संरक्षण के प्रमुख उपाय हैं।
Q. मृदा क्या है?
Ans. मृदा पृथ्वी की ऊपरी ढीली परत है, जिसमें खनिज कण, जैविक पदार्थ, जल, वायु और अनेक सूक्ष्मजीव पाए जाते हैं।
Q. मृदा अपरदन किसे कहते हैं?
Ans. जल, हवा या अन्य कारकों द्वारा मिट्टी की ऊपरी उपजाऊ परत का हटना मृदा अपरदन कहलाता है।
Q. मृदा अपरदन के प्रमुख कारण क्या हैं?
Ans. वनों की कटाई, अत्यधिक चराई, तेज बहता पानी, तेज हवा और अनुचित कृषि पद्धतियाँ मृदा अपरदन के प्रमुख कारण हैं।
Q. मृदा संरक्षण के उपाय क्या हैं?
Ans. समोच्च जुताई, सीढ़ीदार खेती, वृक्षारोपण, घास उगाना और खेतों में मेड़ बनाना मृदा संरक्षण के प्रभावी उपाय हैं।
Q. जल संसाधन मनुष्य के लिए क्यों आवश्यक हैं?
Ans. जल पीने, सिंचाई, उद्योग, स्वच्छता, बिजली उत्पादन और जीव-जंतुओं के अस्तित्व के लिए आवश्यक है।
Q. जल की कमी के प्रमुख कारण क्या हैं?
Ans. जनसंख्या वृद्धि, जल का अत्यधिक उपयोग, वर्षा का असमान वितरण, भूजल का अधिक दोहन और जल प्रदूषण जल की कमी के प्रमुख कारण हैं।
Q. वर्षा जल संचयन क्या है?
Ans. वर्षा के पानी को एकत्र करके टंकियों, तालाबों या भूजल पुनर्भरण संरचनाओं में सुरक्षित रखने की प्रक्रिया वर्षा जल संचयन कहलाती है।
Q. जल संरक्षण के चार उपाय लिखिए।
Ans. वर्षा जल संचयन, रिसाव रोकना, जल का पुनः उपयोग और सिंचाई में ड्रिप या स्प्रिंकलर जैसी तकनीकों का उपयोग जल संरक्षण के उपाय हैं।
Q. प्राकृतिक वनस्पति किसे कहते हैं?
Ans. ऐसी वनस्पति जो लंबे समय तक प्राकृतिक परिस्थितियों में बिना प्रत्यक्ष मानवीय हस्तक्षेप के उगती है, प्राकृतिक वनस्पति कहलाती है।
Q. प्राकृतिक वनस्पति के विकास को कौन-से कारक प्रभावित करते हैं?
Ans. तापमान, वर्षा, मिट्टी, सूर्य का प्रकाश, स्थलाकृति और ऊँचाई प्राकृतिक वनस्पति के विकास को प्रभावित करते हैं।
Q. वनों का पर्यावरण में क्या महत्व है?
Ans. वन कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं, ऑक्सीजन चक्र में योगदान देते हैं, मिट्टी का कटाव कम करते हैं, जल चक्र को सहारा देते हैं और जीवों को आवास प्रदान करते हैं।
Q. वनों की कटाई के क्या दुष्परिणाम हैं?
Ans. वनों की कटाई से मृदा अपरदन, जैव विविधता का नुकसान, जल चक्र में बदलाव और कई जीवों के प्राकृतिक आवास का विनाश हो सकता है।
Q. वन्यजीव संरक्षण क्यों आवश्यक है?
Ans. वन्यजीव संरक्षण जैव विविधता, खाद्य शृंखलाओं और पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
Q. राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य का उद्देश्य क्या है?
Ans. इनका उद्देश्य प्राकृतिक आवासों, वनस्पतियों और वन्यजीवों की रक्षा करना तथा जैव विविधता का संरक्षण करना है।
Q. जैव विविधता क्या है?
Ans. किसी क्षेत्र में पाए जाने वाले विभिन्न प्रकार के पौधों, जीव-जंतुओं और अन्य जीवों की विविधता को जैव विविधता कहते हैं।
Q. भूमि, जल, वनस्पति और वन्यजीव संसाधनों का सतत उपयोग कैसे किया जा सकता है?
Ans. संसाधनों का सीमित और योजनाबद्ध उपयोग, प्रदूषण नियंत्रण, वृक्षारोपण, जल संचयन, मिट्टी संरक्षण और वन्यजीव आवासों की रक्षा करके उनका सतत उपयोग किया जा सकता है।

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