❓ Question Answer

Chapter 15 - मेघ आए

Q. मेघ आए कविता के कवि कौन हैं?
Ans. मेघ आए कविता के कवि सर्वेश्वर दयाल सक्सेना हैं।
Q. मेघ आए कविता का मुख्य विषय क्या है?
Ans. कविता का मुख्य विषय वर्षा ऋतु के आगमन और उससे प्रकृति तथा ग्रामीण जीवन में होने वाले परिवर्तनों का सुंदर चित्रण है।
Q. मेघों के आने की तुलना किससे की गई है?
Ans. कवि ने मेघों के आगमन की तुलना सज-धजकर आए किसी प्रिय अतिथि या दामाद के आगमन से की है।
Q. मेघों के आने पर बयार का व्यवहार कैसा है?
Ans. मेघों के आगे-आगे बयार नाचती-गाती हुई चलती है। इससे वर्षा के आगमन का उत्साहपूर्ण वातावरण बनता है।
Q. मेघों के आगमन पर गाँव में क्या परिवर्तन दिखाई देते हैं?
Ans. गाँव में उत्साह और हलचल दिखाई देती है। पेड़ झुककर देखने लगते हैं, दरवाजे-खिड़कियाँ खुलती हैं और प्रकृति वर्षा का स्वागत करती प्रतीत होती है।
Q. पेड़ों का गर्दन उचकाकर देखना क्या दर्शाता है?
Ans. यह प्रकृति के मानवीकरण का उदाहरण है। पेड़ों को मनुष्यों की तरह उत्सुक होकर मेघों को देखते हुए दिखाया गया है।
Q. बूढ़े पीपल ने किस प्रकार मेघों का स्वागत किया?
Ans. बूढ़े पीपल को झुककर अभिवादन करते हुए दिखाया गया है। इससे भारतीय ग्रामीण संस्कृति की अतिथि-सत्कार भावना व्यक्त होती है।
Q. कविता में लता का व्यवहार किस भावना को व्यक्त करता है?
Ans. लता का व्यवहार मानवीय संकोच, शिकायत और आत्मीयता का भाव व्यक्त करता है। प्रकृति के माध्यम से मानवीय संबंधों का चित्र उभरता है।
Q. मेघों के आने पर धूल का क्या होता है?
Ans. मेघों के आगमन के साथ हवा और आँधी चलती है तथा धूल उड़ने लगती है। यह दृश्य वर्षा से पहले के प्राकृतिक परिवर्तन को दिखाता है।
Q. मेघ आए कविता में मानवीकरण अलंकार का क्या महत्व है?
Ans. मानवीकरण के माध्यम से बादलों, हवा, पेड़ों और लता को मनुष्यों की तरह व्यवहार करते दिखाया गया है। इससे प्रकृति सजीव और आकर्षक बन जाती है।
Q. कविता में मेघों को बन-ठनकर आने वाला क्यों कहा गया है?
Ans. बादलों के घने समूह, उनकी गति और आकाश में उनके आकर्षक रूप को कवि ने सज-धजकर आने वाले अतिथि के समान बताया है।
Q. कविता में ग्रामीण संस्कृति की कौन-सी विशेषता दिखाई देती है?
Ans. कविता में अतिथि का स्वागत, आत्मीयता, उत्सुकता और सामूहिक प्रसन्नता जैसी ग्रामीण सांस्कृतिक विशेषताएँ दिखाई देती हैं।
Q. मेघों के आगमन पर प्रकृति की प्रतिक्रिया कैसी है?
Ans. हवा, पेड़, लता और अन्य प्राकृतिक तत्व अलग-अलग मानवीय क्रियाओं के माध्यम से मेघों का स्वागत करते दिखाई देते हैं।
Q. कविता में बादलों का आगमन आनंद का प्रतीक क्यों है?
Ans. वर्षा से धरती को पानी मिलता है, गर्मी से राहत मिलती है और कृषि तथा वनस्पतियों को नया जीवन मिलता है। इसलिए मेघों का आगमन आनंद का प्रतीक है।
Q. मेघ आए कविता की भाषा-शैली की प्रमुख विशेषता क्या है?
Ans. कविता की भाषा सरल, चित्रात्मक, सहज और बोलचाल के निकट है। इसमें लोकजीवन तथा प्रकृति का जीवंत चित्रण मिलता है।
Q. कविता में दृश्य-बिंबों की क्या भूमिका है?
Ans. दृश्य-बिंब बादलों, हवा, पेड़ों और वर्षा के वातावरण की मानसिक तस्वीर बनाते हैं, जिससे पाठक कविता के दृश्य को अनुभव कर सकता है।
Q. कविता में ध्वनि और गति का क्या महत्व है?
Ans. बयार की गति, आँधी और बादलों के आगमन का वर्णन कविता में गति तथा जीवंतता पैदा करता है और वर्षा के आगमन का अनुभव कराता है।
Q. कविता में प्रकृति और मनुष्य के बीच कैसा संबंध दिखाया गया है?
Ans. कविता प्रकृति को मनुष्य के सुख-दुख और सामाजिक व्यवहार से जोड़ती है। प्रकृति के तत्व मनुष्यों की तरह स्वागत, उत्सुकता और आत्मीयता व्यक्त करते हैं।
Q. मेघ आए कविता में अतिथि-सत्कार का भाव कैसे प्रकट होता है?
Ans. मेघों के आगमन पर पेड़ों और अन्य प्राकृतिक तत्वों की स्वागतपूर्ण प्रतिक्रियाएँ अतिथि-सत्कार की भावना को व्यक्त करती हैं।
Q. मेघ आए कविता से क्या संदेश मिलता है?
Ans. कविता हमें प्रकृति की सुंदरता को पहचानने, वर्षा के महत्व को समझने और ग्रामीण जीवन की आत्मीयता तथा प्रकृति के साथ संबंध को महसूस करने की प्रेरणा देती है।

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