❓ Question Answer

Chapter 18 - इस जल प्रलय में

Q. इस जल प्रलय में पाठ के लेखक कौन हैं?
Ans. इस पाठ के लेखक फणीश्वरनाथ रेणु हैं।
Q. इस जल प्रलय में पाठ की प्रमुख विषयवस्तु क्या है?
Ans. इस पाठ की प्रमुख विषयवस्तु बाढ़ की विभीषिका, उससे प्रभावित जनजीवन और संकट के समय मनुष्य की संवेदनाएँ हैं।
Q. जल प्रलय का सामान्य अर्थ क्या है?
Ans. जल प्रलय का अर्थ बाढ़ जैसी ऐसी स्थिति से है जिसमें बड़ी मात्रा में पानी फैलकर जनजीवन को गंभीर रूप से प्रभावित करता है।
Q. बाढ़ आने पर लोगों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है?
Ans. लोगों को घरों में पानी भरने, आवागमन रुकने, भोजन और स्वच्छ पेयजल की कमी तथा बीमारी और असुरक्षा जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
Q. प्राकृतिक आपदा के समय मानवीय संवेदना का क्या महत्व है?
Ans. मानवीय संवेदना लोगों को पीड़ितों की सहायता करने, उनकी कठिनाइयों को समझने और राहत कार्यों में सहयोग देने के लिए प्रेरित करती है।
Q. बाढ़ से गरीब परिवार अधिक प्रभावित क्यों हो सकते हैं?
Ans. गरीब परिवारों के पास सुरक्षित आवास, बचत, बीमा और वैकल्पिक संसाधन कम हो सकते हैं, इसलिए आपदा के बाद उनके लिए सामान्य जीवन में लौटना कठिन होता है।
Q. बाढ़ के समय प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियाँ क्या हैं?
Ans. प्रशासन की जिम्मेदारियों में समय पर चेतावनी देना, सुरक्षित निकासी, राहत शिविर, भोजन, पेयजल, चिकित्सा और पुनर्वास की व्यवस्था करना शामिल है।
Q. बाढ़ के दौरान स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना क्यों आवश्यक है?
Ans. बाढ़ का पानी दूषित हो सकता है। स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने से जलजनित बीमारियों का खतरा कम किया जा सकता है।
Q. प्राकृतिक आपदा के समय सामुदायिक सहयोग क्यों जरूरी है?
Ans. सामुदायिक सहयोग से जरूरतमंद लोगों तक भोजन, दवाइयाँ और सुरक्षित आश्रय पहुँचाने में मदद मिलती है तथा राहत कार्य अधिक प्रभावी होते हैं।
Q. बाढ़ का बच्चों की शिक्षा पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
Ans. विद्यालयों में पानी भरने, पुस्तकों के नष्ट होने और परिवारों के विस्थापित होने से बच्चों की पढ़ाई बाधित हो सकती है।
Q. बाढ़ के समय अफवाहें फैलने से क्या नुकसान हो सकता है?
Ans. अफवाहों से घबराहट, गलत निर्णय और अनावश्यक भीड़ बढ़ सकती है। इसलिए केवल विश्वसनीय आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना चाहिए।
Q. बाढ़ के बाद बीमारियों का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
Ans. दूषित पानी, गंदगी, जलभराव और स्वच्छता की कमी से संक्रमण तथा जलजनित रोगों का खतरा बढ़ सकता है।
Q. बाढ़ से पर्यावरण को किस प्रकार नुकसान पहुँच सकता है?
Ans. बाढ़ से मिट्टी का कटाव, फसलों का विनाश, जलस्रोतों का प्रदूषण और प्राकृतिक आवासों को नुकसान हो सकता है।
Q. बाढ़ से बचाव के लिए पहले से तैयारी करना क्यों जरूरी है?
Ans. पहले से तैयारी करने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने, जरूरी सामान जुटाने और जान-माल के नुकसान को कम करने में सहायता मिलती है।
Q. बाढ़ के समय पशुओं की सुरक्षा क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. पशु भी जीवन और आजीविका का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनकी सुरक्षित निकासी और चारे-पानी की व्यवस्था से पशुधन की हानि कम की जा सकती है।
Q. आपदा के समय स्वयंसेवकों की क्या भूमिका होती है?
Ans. स्वयंसेवक राहत सामग्री बाँटने, लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुँचाने, जरूरतों की जानकारी देने और बचाव दलों की सहायता करने में योगदान देते हैं।
Q. बाढ़ के बाद पुनर्वास का क्या अर्थ है?
Ans. पुनर्वास का अर्थ प्रभावित लोगों को सुरक्षित आवास, आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और आवश्यक सुविधाओं के माध्यम से सामान्य जीवन में लौटने में सहायता देना है।
Q. बाढ़ के समय बिजली से जुड़े खतरों से कैसे बचना चाहिए?
Ans. पानी में गिरे बिजली के तारों और डूबे विद्युत उपकरणों से दूर रहना चाहिए तथा बिजली विभाग या प्रशासन को सूचना देनी चाहिए।
Q. इस जल प्रलय में पाठ से कौन-सी सामाजिक सीख मिलती है?
Ans. पाठ हमें संकट में संवेदनशील बने रहने, एक-दूसरे की सहायता करने और प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक रहने की सीख देता है।
Q. बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए दीर्घकालिक उपाय क्या हैं?
Ans. बेहतर जल निकासी, बाढ़ क्षेत्र का वैज्ञानिक प्रबंधन, आर्द्रभूमियों का संरक्षण, पूर्व चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित निर्माण और जन-जागरूकता जैसे उपाय नुकसान कम कर सकते हैं।

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