❓ Question Answer

Chapter 5 - जीवन की मौलिक इकाई

Q. कोशिका किसे कहते हैं?
Ans. कोशिका जीवों की संरचनात्मक और क्रियात्मक मूल इकाई है। सभी जीव एक या अधिक कोशिकाओं से बने होते हैं। कोशिका में जीवन की आवश्यक क्रियाएँ संपन्न होती हैं।
Q. कोशिका की खोज किसने और कब की थी?
Ans. रॉबर्ट हुक ने 1665 में कॉर्क की पतली काट का सूक्ष्मदर्शी से अध्ययन करते समय छोटे-छोटे कक्ष देखे और उन्हें कोशिका (Cell) नाम दिया।
Q. एककोशिकीय और बहुकोशिकीय जीव क्या हैं?
Ans. एककोशिकीय जीव केवल एक कोशिका से बने होते हैं, जैसे अमीबा और पैरामीशियम। बहुकोशिकीय जीव अनेक कोशिकाओं से बने होते हैं, जैसे मनुष्य, आम का पेड़ और कुत्ता।
Q. कोशिका सिद्धांत क्या है?
Ans. कोशिका सिद्धांत के अनुसार सभी जीव कोशिकाओं से बने होते हैं और कोशिका जीवन की मूल संरचनात्मक तथा क्रियात्मक इकाई है। विरखो के अनुसार नई कोशिकाएँ पहले से मौजूद कोशिकाओं से बनती हैं।
Q. कोशिका झिल्ली क्या है? इसके कार्य बताइए।
Ans. कोशिका झिल्ली कोशिका की बाहरी, चयनात्मक पारगम्य सीमा है। यह पदार्थों के अंदर आने और बाहर जाने को नियंत्रित करती है तथा कोशिका के आंतरिक वातावरण को बनाए रखने में सहायता करती है।
Q. कोशिका भित्ति क्या है?
Ans. कोशिका भित्ति पादप कोशिका की कोशिका झिल्ली के बाहर पाई जाने वाली कठोर परत है। यह मुख्यतः सेल्यूलोज की बनी होती है और कोशिका को आकार, मजबूती तथा सुरक्षा देती है।
Q. कोशिकाद्रव्य (Cytoplasm) क्या है?
Ans. कोशिका झिल्ली और केंद्रक के बीच पाया जाने वाला जैली जैसा पदार्थ कोशिकाद्रव्य कहलाता है। इसमें अनेक कोशिकांग होते हैं और कई जैव-रासायनिक क्रियाएँ होती हैं।
Q. केंद्रक के प्रमुख कार्य क्या हैं?
Ans. केंद्रक कोशिका की गतिविधियों को नियंत्रित करता है। इसमें DNA और जीन होते हैं, जो आनुवंशिक जानकारी रखते हैं और कोशिका की वृद्धि, कार्य तथा प्रजनन को नियंत्रित करने में भूमिका निभाते हैं।
Q. गुणसूत्र और जीन क्या हैं?
Ans. गुणसूत्र DNA और प्रोटीन से बनी संरचनाएँ हैं, जिनमें आनुवंशिक जानकारी होती है। जीन DNA का एक विशिष्ट भाग है, जो किसी कार्यात्मक उत्पाद या वंशानुगत विशेषता से संबंधित जानकारी रखता है।
Q. माइटोकॉन्ड्रिया को कोशिका का ऊर्जा गृह क्यों कहते हैं?
Ans. माइटोकॉन्ड्रिया में कोशिकीय श्वसन की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से ATP के रूप में ऊर्जा उपलब्ध होती है। इसलिए इसे सामान्यतः कोशिका का ऊर्जा गृह कहा जाता है।
Q. राइबोसोम का क्या कार्य है?
Ans. राइबोसोम प्रोटीन संश्लेषण का प्रमुख स्थान है। यह कोशिका की आवश्यकता के अनुसार प्रोटीन बनाने में सहायता करता है।
Q. अंतःप्रद्रव्यी जालिका (ER) क्या है?
Ans. अंतःप्रद्रव्यी जालिका झिल्लीदार नलिकाओं और थैलियों का जाल है। खुरदरी ER पर राइबोसोम होते हैं और यह प्रोटीन निर्माण तथा परिवहन में सहायता करती है। चिकनी ER लिपिड निर्माण और कुछ हानिकारक पदार्थों के विषहरण में भूमिका निभाती है।
Q. गॉल्जी तंत्र का कार्य क्या है?
Ans. गॉल्जी तंत्र प्रोटीन और लिपिड जैसे पदार्थों का संशोधन, छँटाई, पैकेजिंग और परिवहन करता है। यह स्रावित होने वाले पदार्थों को उचित स्थान तक पहुँचाने में सहायता करता है।
Q. लाइसोसोम क्या हैं?
Ans. लाइसोसोम झिल्ली से घिरी थैलियाँ हैं जिनमें पाचक एंजाइम होते हैं। ये अपशिष्ट पदार्थों, पुराने कोशिकीय घटकों और कुछ बाहरी पदार्थों के विघटन में सहायता करते हैं।
Q. प्लास्टिड क्या हैं? इनके प्रकार बताइए।
Ans. प्लास्टिड मुख्यतः पादप कोशिकाओं में पाए जाने वाले कोशिकांग हैं। क्लोरोप्लास्ट प्रकाश संश्लेषण में सहायता करते हैं, क्रोमोप्लास्ट रंग प्रदान करते हैं और ल्यूकोप्लास्ट भोजन के भंडारण में भूमिका निभाते हैं।
Q. रिक्तिका (Vacuole) का क्या कार्य है?
Ans. रिक्तिका में जल, लवण, पोषक पदार्थ और अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं। पादप कोशिका की बड़ी केंद्रीय रिक्तिका कोशिका का स्फीति दाब बनाए रखने और आकार बनाए रखने में मदद करती है।
Q. परासरण (Osmosis) क्या है?
Ans. चयनात्मक पारगम्य झिल्ली के माध्यम से विलायक, सामान्यतः जल, का कम विलेय-सांद्रता वाले क्षेत्र से अधिक विलेय-सांद्रता वाले क्षेत्र की ओर जाना परासरण कहलाता है।
Q. अल्पपरासारी, समपरासारी और अतिपरासारी विलयन का प्रभाव बताइए।
Ans. अल्पपरासारी विलयन में कोशिका में जल प्रवेश कर सकता है और कोशिका फूल सकती है। समपरासारी विलयन में जल का शुद्ध आवागमन लगभग संतुलित रहता है। अतिपरासारी विलयन में कोशिका से जल बाहर निकलता है और कोशिका सिकुड़ सकती है।
Q. पादप कोशिका और जंतु कोशिका में दो प्रमुख अंतर लिखिए।
Ans. पादप कोशिका में सामान्यतः सेल्यूलोज की कोशिका भित्ति और प्लास्टिड पाए जाते हैं, जबकि जंतु कोशिका में कोशिका भित्ति और क्लोरोप्लास्ट नहीं होते। पादप कोशिका में प्रायः बड़ी केंद्रीय रिक्तिका होती है, जबकि जंतु कोशिकाओं में रिक्तिकाएँ छोटी हो सकती हैं।
Q. प्रोकैरियोटिक और यूकैरियोटिक कोशिका में अंतर बताइए।
Ans. प्रोकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली से घिरा वास्तविक केंद्रक नहीं होता और DNA केंद्रकाभ क्षेत्र में पाया जाता है। यूकैरियोटिक कोशिकाओं में झिल्ली से घिरा केंद्रक तथा माइटोकॉन्ड्रिया जैसे झिल्लीदार कोशिकांग पाए जाते हैं।

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