Q. ध्वनि क्या है और इसका उत्पादन कैसे होता है?
Ans. ध्वनि ऊर्जा का एक रूप है, जो सुनने की अनुभूति उत्पन्न करती है। ध्वनि सामान्यतः वस्तुओं के कंपन से उत्पन्न होती है, जैसे घंटी, तबला या कंपन करती हुई स्वर-तंत्रियाँ।
Q. ध्वनि के संचरण के लिए माध्यम क्यों आवश्यक है?
Ans. ध्वनि एक यांत्रिक तरंग है। इसके संचरण के लिए माध्यम के कणों के कंपन द्वारा ऊर्जा आगे पहुँचती है। इसलिए ध्वनि निर्वात में संचरित नहीं हो सकती, जबकि वायु, जल और ठोस पदार्थों में संचरित हो सकती है।
Q. अनुदैर्ध्य तरंग किसे कहते हैं?
Ans. जिस तरंग में माध्यम के कणों का कंपन तरंग के संचरण की दिशा के समानांतर होता है, उसे अनुदैर्ध्य तरंग कहते हैं। वायु में ध्वनि तरंगें सामान्यतः अनुदैर्ध्य होती हैं।
Q. संपीड़न और विरलन क्या हैं?
Ans. ध्वनि तरंग में संपीड़न वह क्षेत्र है जहाँ माध्यम के कण अपेक्षाकृत पास होते हैं और दाब अधिक होता है। विरलन वह क्षेत्र है जहाँ कण अपेक्षाकृत दूर होते हैं और दाब कम होता है।
Q. आवृत्ति किसे कहते हैं?
Ans. एक सेकंड में होने वाले पूर्ण कंपनों की संख्या को आवृत्ति कहते हैं। इसका SI मात्रक हर्ट्ज (Hz) है। आवृत्ति अधिक होने पर ध्वनि सामान्यतः अधिक तीखी सुनाई देती है।
Q. आयाम क्या है?
Ans. कंपन करने वाला कण अपनी माध्य स्थिति से जितना अधिकतम विस्थापन करता है, उसे आयाम कहते हैं। अन्य परिस्थितियाँ समान होने पर अधिक आयाम वाली ध्वनि अधिक तेज सुनाई देती है।
Q. तरंगदैर्ध्य क्या है?
Ans. तरंग के दो क्रमागत संपीड़नों या दो क्रमागत विरलनों के बीच की दूरी को तरंगदैर्ध्य कहते हैं। इसे λ से दर्शाते हैं और इसका SI मात्रक मीटर है।
Q. ध्वनि की चाल, आवृत्ति और तरंगदैर्ध्य में क्या संबंध है?
Ans. ध्वनि की चाल v, आवृत्ति f और तरंगदैर्ध्य λ के बीच संबंध v = fλ है। चाल मीटर प्रति सेकंड, आवृत्ति हर्ट्ज और तरंगदैर्ध्य मीटर में व्यक्त की जाती है।
Q. ध्वनि की प्रबलता किन कारकों पर निर्भर करती है?
Ans. ध्वनि की प्रबलता मुख्यतः ध्वनि तरंग के आयाम और सुनने की परिस्थितियों पर निर्भर करती है। समान परिस्थितियों में अधिक आयाम वाली ध्वनि सामान्यतः अधिक तेज सुनाई देती है।
Q. तारत्व (Pitch) क्या है?
Ans. ध्वनि का वह गुण जिससे हम तीखी और भारी ध्वनि में अंतर करते हैं, तारत्व कहलाता है। तारत्व मुख्यतः आवृत्ति पर निर्भर करता है। अधिक आवृत्ति वाली ध्वनि अधिक तीखी होती है।
Q. मानव कान सामान्यतः किस आवृत्ति सीमा की ध्वनि सुन सकता है?
Ans. एक स्वस्थ युवा मानव कान सामान्यतः लगभग 20 Hz से 20,000 Hz (20 kHz) तक की ध्वनि सुन सकता है। यह सीमा व्यक्ति की आयु और सुनने की क्षमता के अनुसार बदल सकती है।
Q. अवश्रव्य और पराश्रव्य ध्वनि क्या हैं?
Ans. 20 Hz से कम आवृत्ति वाली ध्वनि को अवश्रव्य कहते हैं। 20,000 Hz से अधिक आवृत्ति वाली ध्वनि को पराश्रव्य कहते हैं। सामान्य मानव कान इन्हें नहीं सुन सकता।
Q. प्रतिध्वनि क्या है?
Ans. जब परावर्तित ध्वनि मूल ध्वनि से पर्याप्त समय बाद अलग सुनाई देती है, तो उसे प्रतिध्वनि कहते हैं। स्पष्ट प्रतिध्वनि सुनने के लिए सामान्यतः लगभग 0.1 सेकंड या उससे अधिक का समयांतर आवश्यक होता है।
Q. ध्वनि के परावर्तन के दो उपयोग लिखिए।
Ans. ध्वनि के परावर्तन का उपयोग मेगाफोन या ध्वनि-वर्धक नली में ध्वनि को एक दिशा में भेजने तथा स्टेथोस्कोप में ध्वनि को कान तक पहुँचाने में किया जाता है।
Q. SONAR क्या है?
Ans. SONAR का पूरा नाम Sound Navigation and Ranging है। यह पराश्रव्य तरंगों के प्रेषण और उनके प्रतिध्वनि लौटने के समय से पानी के भीतर वस्तुओं की दूरी, दिशा या गहराई का पता लगाने में उपयोग किया जाता है।
Q. चमगादड़ अँधेरे में रास्ता कैसे पहचानते हैं?
Ans. चमगादड़ पराश्रव्य ध्वनि निकालते हैं और वस्तुओं से परावर्तित प्रतिध्वनि को सुनते हैं। प्रतिध्वनि से उन्हें बाधाओं की दूरी और दिशा का अनुमान लगाने में सहायता मिलती है।
Q. ध्वनि की चाल ठोस पदार्थों में सामान्यतः वायु से अधिक क्यों होती है?
Ans. ठोस पदार्थों के कण सामान्यतः एक-दूसरे के अधिक निकट होते हैं और उनके बीच प्रत्यास्थ अंतःक्रियाएँ मजबूत होती हैं। इसलिए अनेक सामान्य परिस्थितियों में ध्वनि ठोसों में वायु की तुलना में अधिक तेजी से संचरित होती है।
Q. मानव कान के प्रमुख भाग कौन-कौन से हैं?
Ans. मानव कान के तीन मुख्य भाग हैं—बाहरी कान, मध्य कान और आंतरिक कान। बाहरी कान ध्वनि एकत्र करता है, मध्य कान की अस्थियाँ कंपन आगे पहुँचाती हैं और आंतरिक कान के कॉक्लिया में कंपन तंत्रिका संकेतों में बदलते हैं।
Q. ध्वनि प्रदूषण क्या है? इसके दो दुष्प्रभाव लिखिए।
Ans. अनचाही या अत्यधिक तेज ध्वनि को ध्वनि प्रदूषण कहते हैं। इसके कारण तनाव, नींद में बाधा, एकाग्रता में कमी और लंबे समय तक अधिक शोर में रहने से सुनने की क्षमता को नुकसान हो सकता है।
Q. यदि ध्वनि की आवृत्ति 500 Hz और तरंगदैर्ध्य 0.68 m है, तो ध्वनि की चाल ज्ञात कीजिए।
Ans. सूत्र v = fλ से v = 500 × 0.68 = 340 m/s। अतः ध्वनि की चाल 340 मीटर प्रति सेकंड है।