❓ Question Answer

Chapter 12 - खाद्य संसाधनों में सुधार

Q. खाद्य संसाधनों में सुधार से क्या तात्पर्य है?
Ans. बढ़ती जनसंख्या की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए खाद्य पदार्थों की मात्रा और गुणवत्ता बढ़ाना खाद्य संसाधनों में सुधार कहलाता है। इसमें फसल उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन और खाद्य सुरक्षा की बेहतर तकनीकें शामिल हैं।
Q. फसल किस्म सुधार (Crop Variety Improvement) क्या है?
Ans. फसल किस्म सुधार वह प्रक्रिया है जिसमें वांछित गुणों वाली नई फसल किस्में विकसित की जाती हैं। इसके उद्देश्य अधिक उपज, बेहतर गुणवत्ता, रोग प्रतिरोधकता, सूखा या लवणता सहनशीलता और कम समय में फसल पकना हैं।
Q. फसल उत्पादन बढ़ाने के प्रमुख तरीके कौन-कौन से हैं?
Ans. फसल उत्पादन बढ़ाने के प्रमुख तरीके हैं—फसल किस्म सुधार, फसल उत्पादन प्रबंधन और फसल सुरक्षा प्रबंधन। इनमें उन्नत बीज, उचित पोषण, सिंचाई, खरपतवार नियंत्रण और कीट-रोग प्रबंधन शामिल हैं।
Q. खरीफ और रबी फसलों में अंतर बताइए।
Ans. खरीफ फसलें सामान्यतः वर्षा ऋतु में बोई जाती हैं और शरद ऋतु में काटी जाती हैं, जैसे धान, मक्का और सोयाबीन। रबी फसलें सामान्यतः सर्दियों में बोई जाती हैं और वसंत ऋतु में काटी जाती हैं, जैसे गेहूँ, चना और मटर।
Q. फसल चक्र (Crop Rotation) क्या है?
Ans. एक ही खेत में अलग-अलग मौसमों या क्रमों में अलग-अलग फसलें उगाने की विधि फसल चक्र कहलाती है। उचित फसल चक्र मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, कीटों और रोगों का प्रकोप घटाने तथा संसाधनों के बेहतर उपयोग में सहायता करता है।
Q. मिश्रित खेती या मिश्रित फसल उत्पादन क्या है?
Ans. एक ही खेत में एक ही समय पर दो या अधिक फसलें उगाने को मिश्रित फसल उत्पादन कहते हैं। उदाहरण के लिए गेहूँ और चना साथ उगाना। इससे फसल खराब होने के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है।
Q. अंतराफसलीकरण (Intercropping) क्या है?
Ans. एक ही खेत में दो या अधिक फसलें निश्चित कतारों के क्रम में उगाने की विधि अंतराफसलीकरण कहलाती है। इससे पोषक तत्वों, जल और स्थान का बेहतर उपयोग हो सकता है तथा कीट-रोग प्रबंधन में सहायता मिल सकती है।
Q. खाद और उर्वरक में क्या अंतर है?
Ans. खाद सामान्यतः जैविक पदार्थों के अपघटन से बनती है और मिट्टी में ह्यूमस तथा संरचना सुधारने में सहायता करती है। उर्वरक ऐसे पदार्थ हैं जो पौधों को विशिष्ट पोषक तत्व, जैसे नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम, उपलब्ध कराते हैं।
Q. जैविक खाद के दो लाभ लिखिए।
Ans. जैविक खाद मिट्टी में ह्यूमस की मात्रा बढ़ाती है और उसकी जल धारण क्षमता तथा संरचना सुधारती है। यह मिट्टी के सूक्ष्मजीवों की गतिविधि को बढ़ावा देने और पोषक तत्वों की उपलब्धता में सहायता करती है।
Q. सिंचाई क्या है और इसका क्या महत्व है?
Ans. फसलों को आवश्यकतानुसार कृत्रिम रूप से जल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया सिंचाई कहलाती है। इससे बीज अंकुरण, पोषक तत्वों के अवशोषण, पौधों की वृद्धि और उपज में सहायता मिलती है।
Q. खरपतवार क्या हैं और इनका नियंत्रण क्यों आवश्यक है?
Ans. फसल के साथ उगने वाले अवांछित पौधे खरपतवार कहलाते हैं। ये जल, प्रकाश, स्थान और पोषक तत्वों के लिए फसलों से प्रतिस्पर्धा करते हैं। इनका नियंत्रण निराई, यांत्रिक विधियों और आवश्यकता के अनुसार खरपतवारनाशी से किया जाता है।
Q. फसल सुरक्षा प्रबंधन क्या है?
Ans. फसल को कीटों, रोगों, खरपतवारों और भंडारण के दौरान होने वाली हानि से बचाने के उपाय फसल सुरक्षा प्रबंधन कहलाते हैं। इसमें स्वच्छ बीज, उचित कृषि पद्धतियाँ, जैविक नियंत्रण और सुरक्षित तरीके से कीटनाशकों का उपयोग शामिल है।
Q. अनाज के भंडारण से पहले सुखाना क्यों आवश्यक है?
Ans. अनाज में नमी अधिक होने पर फफूँद और अन्य सूक्ष्मजीवों की वृद्धि हो सकती है तथा कीटों से नुकसान बढ़ सकता है। इसलिए सुरक्षित भंडारण से पहले अनाज को उचित नमी स्तर तक सुखाना आवश्यक है।
Q. पशुपालन (Animal Husbandry) क्या है?
Ans. दूध, अंडे, मांस, ऊन और अन्य उपयोगी उत्पाद प्राप्त करने के लिए पशुओं का वैज्ञानिक ढंग से पालन-पोषण, प्रजनन, पोषण और स्वास्थ्य प्रबंधन पशुपालन कहलाता है।
Q. दुधारू पशुओं के उचित प्रबंधन में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
Ans. दुधारू पशुओं को संतुलित आहार, स्वच्छ पानी, साफ और हवादार आवास, नियमित स्वास्थ्य जाँच तथा टीकाकरण देना चाहिए। नस्ल सुधार और उचित दुग्ध प्रबंधन भी उत्पादन तथा पशु कल्याण के लिए आवश्यक हैं।
Q. मुर्गीपालन में ब्रॉयलर और लेयर में क्या अंतर है?
Ans. ब्रॉयलर मुर्गियों को मुख्यतः मांस उत्पादन के लिए पाला जाता है, जबकि लेयर मुर्गियों को अंडा उत्पादन के लिए पाला जाता है। दोनों के आहार और प्रबंधन की आवश्यकताएँ अलग-अलग होती हैं।
Q. मत्स्यपालन क्या है?
Ans. मछलियों और अन्य जलीय जीवों का भोजन तथा व्यावसायिक उपयोग के लिए पालन और उत्पादन मत्स्यपालन कहलाता है। यह समुद्री और अंतर्देशीय जल स्रोतों में किया जा सकता है।
Q. मिश्रित मछली संवर्धन क्या है?
Ans. मिश्रित मछली संवर्धन में एक ही तालाब में ऐसी मछलियों की विभिन्न प्रजातियाँ पाली जाती हैं जो भोजन के लिए तालाब के अलग-अलग क्षेत्रों का उपयोग करती हैं। इससे उपलब्ध भोजन और स्थान का बेहतर उपयोग हो सकता है।
Q. मधुमक्खीपालन का क्या महत्व है?
Ans. मधुमक्खीपालन से शहद और मोम प्राप्त होते हैं। मधुमक्खियाँ फूलों के परागण में भी सहायता करती हैं, जिससे अनेक फसलों और पौधों के प्रजनन तथा उत्पादन को लाभ मिल सकता है।
Q. खाद्य उत्पादन में सतत कृषि क्यों आवश्यक है?
Ans. सतत कृषि मिट्टी, जल और जैव विविधता जैसे संसाधनों का संरक्षण करते हुए लंबे समय तक खाद्य उत्पादन बनाए रखने का प्रयास करती है। संतुलित उर्वरक उपयोग, जल संरक्षण, फसल चक्र और समेकित कीट प्रबंधन इसके महत्वपूर्ण उपाय हैं।

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