❓ Question Answer

Chapter 2 - यूरोप में समाजवाद एवं रूसी क्रांति

Q. समाजवाद क्या है?
Ans. समाजवाद एक राजनीतिक और आर्थिक विचारधारा है, जो उत्पादन के प्रमुख साधनों पर सामाजिक या सामूहिक नियंत्रण तथा आर्थिक असमानता कम करने पर बल देती है। समाजवादियों के विचार अलग-अलग थे, लेकिन वे पूँजीवादी व्यवस्था में श्रमिकों के शोषण और असमानता की आलोचना करते थे।
Q. यूरोप में समाजवादी विचारों का विकास क्यों हुआ?
Ans. औद्योगिक क्रांति के बाद कारखानों और शहरों का विस्तार हुआ। अनेक मजदूरों को कम मजदूरी, लंबे कार्य घंटे, असुरक्षित काम और खराब आवास का सामना करना पड़ता था। इन परिस्थितियों ने आर्थिक समानता और श्रमिकों के अधिकारों से जुड़े समाजवादी विचारों को बढ़ावा दिया।
Q. कार्ल मार्क्स कौन थे?
Ans. कार्ल मार्क्स एक प्रमुख विचारक थे, जिन्होंने पूँजीवाद की आलोचना की और वर्ग संघर्ष को इतिहास में परिवर्तन का महत्वपूर्ण कारण बताया। फ्रेडरिक एंगेल्स के साथ उन्होंने समाजवादी विचारों को विकसित किया और मजदूर वर्ग की मुक्ति पर बल दिया।
Q. रूसी क्रांति से पहले रूस की सामाजिक और आर्थिक स्थिति कैसी थी?
Ans. रूस में जार का निरंकुश शासन था। अधिकांश लोग किसान थे, जबकि औद्योगिक मजदूरों को कम मजदूरी और कठिन कार्य परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। भूमि का वितरण असमान था और राजनीतिक स्वतंत्रताएँ सीमित थीं।
Q. जार कौन था?
Ans. जार रूस के सम्राट की उपाधि थी। 1917 की क्रांति से पहले निकोलस द्वितीय रूस का जार था। उसकी सत्ता निरंकुश थी और शासन में जनता की राजनीतिक भागीदारी सीमित थी।
Q. 1905 की रूसी क्रांति क्यों हुई?
Ans. रूस में निरंकुश शासन, मजदूरों की खराब परिस्थितियों, किसानों की भूमि संबंधी समस्याओं और रूस-जापान युद्ध में हार से असंतोष बढ़ा। जनवरी 1905 में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी, जिसे खूनी रविवार कहा जाता है, ने व्यापक विरोध को जन्म दिया।
Q. खूनी रविवार (Bloody Sunday) क्या था?
Ans. 22 जनवरी 1905 को सेंट पीटर्सबर्ग में फादर गैपॉन के नेतृत्व में मजदूरों का एक समूह जार को याचिका देने के लिए निकला। सैनिकों ने प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई। इस घटना को खूनी रविवार कहा गया और इससे जार के प्रति लोगों का विश्वास कमजोर हुआ।
Q. ड्यूमा क्या थी?
Ans. 1905 की क्रांति के बाद रूस में प्रतिनिधि सभा के रूप में ड्यूमा की स्थापना की गई। लेकिन जार ने इसकी शक्तियों को सीमित रखा और कई बार इसे भंग भी कर दिया। इसलिए रूस में लोकतांत्रिक शासन पूरी तरह स्थापित नहीं हो पाया।
Q. बोल्शेविक और मेन्शेविक कौन थे?
Ans. बोल्शेविक रूसी समाजवादी आंदोलन का वह समूह था जिसका नेतृत्व व्लादिमीर लेनिन ने किया। मेन्शेविक एक दूसरा समाजवादी समूह था, जो संगठन और क्रांति की रणनीति के विषय में बोल्शेविकों से असहमत था। दोनों रूसी सोशल डेमोक्रेटिक वर्कर्स पार्टी के विभाजन से जुड़े थे।
Q. लेनिन कौन थे?
Ans. व्लादिमीर लेनिन बोल्शेविक नेता और 1917 की अक्टूबर क्रांति के प्रमुख नेताओं में से एक थे। उन्होंने युद्ध समाप्त करने, किसानों को भूमि देने और सत्ता सोवियतों के हाथों में सौंपने जैसे नारे दिए।
Q. फरवरी 1917 की रूसी क्रांति के प्रमुख कारण क्या थे?
Ans. प्रथम विश्व युद्ध में भारी नुकसान, भोजन की कमी, महँगाई, मजदूरों की कठिन परिस्थितियाँ, सेना में असंतोष और जार के निरंकुश शासन के विरोध ने फरवरी 1917 की क्रांति को जन्म दिया।
Q. फरवरी 1917 की क्रांति का क्या परिणाम हुआ?
Ans. फरवरी 1917 की क्रांति के बाद निकोलस द्वितीय को सिंहासन छोड़ना पड़ा और रूस में जारशाही समाप्त हो गई। इसके बाद अस्थायी सरकार बनी, लेकिन युद्ध और भूमि जैसे मुद्दों का समाधान नहीं हो सका।
Q. द्वैध सत्ता (Dual Power) से क्या तात्पर्य था?
Ans. फरवरी क्रांति के बाद रूस में अस्थायी सरकार के साथ-साथ मजदूरों और सैनिकों की सोवियतें भी प्रभावशाली थीं। सत्ता के इन दो केंद्रों के बीच तनावपूर्ण स्थिति को सामान्यतः द्वैध सत्ता कहा जाता है।
Q. अक्टूबर 1917 की क्रांति क्या थी?
Ans. अक्टूबर 1917 में लेनिन के नेतृत्व में बोल्शेविकों ने पेट्रोग्राद में अस्थायी सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्जा कर लिया। इस क्रांति ने रूस में बोल्शेविक शासन की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया।
Q. अक्टूबर क्रांति के बाद बोल्शेविक सरकार ने कौन-से प्रमुख कदम उठाए?
Ans. नई सरकार ने भूमि पर पुराने जमींदारी अधिकारों को समाप्त करने के कदम उठाए, बैंकों और प्रमुख उद्योगों पर सरकारी नियंत्रण बढ़ाया तथा रूस को प्रथम विश्व युद्ध से बाहर निकालने की दिशा में कार्य किया। इन नीतियों का क्रियान्वयन आगे कई चरणों में हुआ।
Q. रूस प्रथम विश्व युद्ध से कैसे बाहर निकला?
Ans. बोल्शेविक सरकार ने युद्ध समाप्त करने का वादा किया। मार्च 1918 में रूस ने जर्मनी और उसके सहयोगियों के साथ ब्रेस्ट-लिटोव्स्क की संधि पर हस्ताक्षर किए और प्रथम विश्व युद्ध से अलग हो गया।
Q. सोवियत क्या थे?
Ans. सोवियत मजदूरों, सैनिकों या किसानों की प्रतिनिधि परिषदें थीं। 1917 की क्रांतियों के दौरान ये राजनीतिक संगठन और सत्ता के महत्वपूर्ण केंद्र बन गईं।
Q. रूसी गृहयुद्ध किनके बीच हुआ?
Ans. 1918 से 1920 के दशक के आरंभ तक रूसी गृहयुद्ध में बोल्शेविकों की लाल सेना का मुकाबला विभिन्न विरोधी सेनाओं से हुआ, जिन्हें सामान्यतः श्वेत सेनाएँ कहा जाता है। इस संघर्ष में विदेशी शक्तियों ने भी हस्तक्षेप किया।
Q. सोवियत संघ (USSR) की स्थापना कब हुई?
Ans. रूसी क्रांति और उसके बाद हुए गृहयुद्ध के पश्चात 1922 में सोवियत समाजवादी गणराज्यों का संघ (USSR) स्थापित हुआ। इसमें रूस सहित कई सोवियत गणराज्य शामिल थे।
Q. रूसी क्रांति का विश्व पर क्या प्रभाव पड़ा?
Ans. रूसी क्रांति ने समाजवादी विचारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली बनाया। अनेक देशों में मजदूर आंदोलनों और कम्युनिस्ट पार्टियों को प्रेरणा मिली। साथ ही, भूमि, श्रम अधिकारों, आर्थिक समानता और राज्य की भूमिका पर वैश्विक बहस तेज हुई।

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