Q. अपवाह किसे कहते हैं?
Ans. किसी क्षेत्र की नदियों और उनकी सहायक नदियों द्वारा जल को बहाकर ले जाने की व्यवस्था को अपवाह कहते हैं। किसी क्षेत्र का अपवाह तंत्र उसकी स्थलाकृति, ढाल, वर्षा और चट्टानों की संरचना से प्रभावित होता है।
Q. अपवाह द्रोणी क्या है?
Ans. किसी मुख्य नदी और उसकी सहायक नदियों द्वारा जल निकास किए जाने वाले संपूर्ण क्षेत्र को अपवाह द्रोणी कहते हैं। उदाहरण के लिए, गंगा नदी द्रोणी में गंगा और उसकी सहायक नदियों से जल प्राप्त करने वाला विशाल क्षेत्र शामिल है।
Q. जल विभाजक किसे कहते हैं?
Ans. दो अपवाह द्रोणियों को अलग करने वाली ऊँची भूमि या पर्वतीय भाग को जल विभाजक कहते हैं। उदाहरण के लिए, अंबाला के निकट का क्षेत्र सिंधु और गंगा नदी तंत्रों के बीच जल विभाजक का काम करता है।
Q. भारत की नदियों को मुख्यतः कितने प्रकारों में बाँटा जाता है?
Ans. भारत की नदियों को सामान्यतः दो प्रमुख वर्गों में बाँटा जाता है: हिमालयी नदियाँ और प्रायद्वीपीय नदियाँ। हिमालयी नदियाँ प्रायः हिमनदों तथा वर्षा से जल प्राप्त करती हैं, जबकि प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्यतः वर्षा पर निर्भर होती हैं।
Q. हिमालयी नदियों की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. हिमालयी नदियाँ सामान्यतः बारहमासी होती हैं, क्योंकि उन्हें हिमनदों के पिघलने और वर्षा दोनों से जल मिलता है। इनके लंबे प्रवाह मार्ग, गहरी घाटियाँ, सहायक नदियाँ और मैदानों में विस्तृत जलोढ़ मैदान बनाने की क्षमता प्रमुख विशेषताएँ हैं।
Q. प्रायद्वीपीय नदियों की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. प्रायद्वीपीय नदियाँ मुख्यतः वर्षा पर निर्भर होती हैं। इनके जल की मात्रा में ऋतुओं के अनुसार अधिक बदलाव आता है। अधिकांश नदियाँ पश्चिम से पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं, जबकि नर्मदा और ताप्ती पश्चिम की ओर बहती हैं।
Q. सिंधु नदी तंत्र का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।
Ans. सिंधु नदी का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट क्षेत्र से होता है। यह लद्दाख से होकर बहती है और आगे पाकिस्तान में प्रवेश करती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियों में झेलम, चिनाब, रावी, ब्यास और सतलुज शामिल हैं।
Q. गंगा नदी का उद्गम कैसे होता है?
Ans. गंगा की मुख्य धारा भागीरथी का उद्गम उत्तराखंड के गंगोत्री हिमनद के गौमुख क्षेत्र से होता है। देवप्रयाग में भागीरथी और अलकनंदा के मिलने के बाद नदी को गंगा कहा जाता है।
Q. गंगा की प्रमुख सहायक नदियाँ कौन-सी हैं?
Ans. गंगा की प्रमुख सहायक नदियों में यमुना, घाघरा, गंडक, कोसी, सोन और रामगंगा शामिल हैं। यमुना का उद्गम यमुनोत्री हिमनद के निकट होता है और यह प्रयागराज में गंगा से मिलती है।
Q. ब्रह्मपुत्र नदी की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. ब्रह्मपुत्र नदी का उद्गम तिब्बत में मानसरोवर झील के निकट क्षेत्र से होता है, जहाँ इसे त्सांगपो कहा जाता है। यह अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करके असम से गुजरती है और आगे बांग्लादेश में गंगा नदी तंत्र से जुड़ती है। असम में यह बाढ़ और नदी द्वीपों के निर्माण के लिए जानी जाती है।
Q. गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा कैसे बनता है?
Ans. गंगा और ब्रह्मपुत्र की धाराएँ अपने साथ बड़ी मात्रा में अवसाद लाती हैं। बंगाल की खाड़ी के निकट इन अवसादों के जमाव से विशाल डेल्टा बनता है, जिसे सुंदरवन डेल्टा कहा जाता है। यहाँ मैंग्रोव वन और ज्वारीय क्षेत्र पाए जाते हैं।
Q. नर्मदा नदी की प्रमुख विशेषताएँ बताइए।
Ans. नर्मदा नदी मध्य प्रदेश के अमरकंटक क्षेत्र से निकलती है। यह विंध्य और सतपुड़ा पर्वत श्रेणियों के बीच भ्रंश घाटी से होकर पश्चिम की ओर बहती है और अरब सागर के खंभात की खाड़ी में गिरती है।
Q. ताप्ती नदी कहाँ से निकलती है और कहाँ गिरती है?
Ans. ताप्ती या तापी नदी का उद्गम मध्य प्रदेश के सतपुड़ा क्षेत्र में मुलताई के निकट होता है। यह पश्चिम की ओर बहते हुए महाराष्ट्र और गुजरात से गुजरती है तथा अरब सागर की खंभात की खाड़ी में गिरती है।
Q. गोदावरी नदी को दक्षिण गंगा क्यों कहा जाता है?
Ans. गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है। इसका उद्गम महाराष्ट्र के त्र्यंबकेश्वर, नासिक के निकट होता है। इसका विशाल अपवाह क्षेत्र और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व होने के कारण इसे दक्षिण गंगा कहा जाता है।
Q. कृष्णा और कावेरी नदियों के बारे में बताइए।
Ans. कृष्णा नदी का उद्गम महाराष्ट्र में महाबलेश्वर के निकट होता है और यह पूर्व की ओर बहकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है। कावेरी नदी का उद्गम कर्नाटक के ब्रह्मगिरि क्षेत्र में होता है और यह कर्नाटक तथा तमिलनाडु से होकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
Q. झीलें किस प्रकार उपयोगी होती हैं?
Ans. झीलें जल संग्रह, सिंचाई, पेयजल, मत्स्य पालन, पर्यटन और पारिस्थितिक संतुलन के लिए उपयोगी हैं। वे बाढ़ के प्रभाव को कम करने और आसपास के क्षेत्र की जल उपलब्धता बनाए रखने में भी सहायता कर सकती हैं।
Q. भारत की कुछ प्रमुख झीलों के नाम लिखिए।
Ans. भारत की प्रमुख झीलों में वुलर, डल, सांभर, चिलिका, पुलिकट और वेम्बनाड शामिल हैं। वुलर जम्मू-कश्मीर में, सांभर राजस्थान में, चिलिका ओडिशा में और वेम्बनाड केरल में स्थित है।
Q. नदियाँ भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
Ans. नदियाँ सिंचाई, पेयजल, जलविद्युत उत्पादन, मत्स्य पालन, उद्योग, परिवहन और पर्यटन के लिए महत्वपूर्ण हैं। नदी घाटियों में उपजाऊ मिट्टी और जल उपलब्धता के कारण अनेक बस्तियों और कृषि क्षेत्रों का विकास हुआ है।
Q. नदी प्रदूषण के प्रमुख कारण क्या हैं?
Ans. नदी प्रदूषण के प्रमुख कारण बिना उपचारित घरेलू सीवेज, औद्योगिक अपशिष्ट, कृषि रसायनों का बहाव, प्लास्टिक और अन्य ठोस कचरा हैं। प्रदूषण से जल की गुणवत्ता, जलीय जीवों और मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
Q. नदियों को स्वच्छ रखने के लिए कौन-से उपाय अपनाए जा सकते हैं?
Ans. घरेलू सीवेज और औद्योगिक अपशिष्ट का उपचार करके ही उन्हें नदियों में छोड़ा जाना चाहिए। प्लास्टिक और ठोस कचरे को नदी में फेंकने से रोकना, कृषि रसायनों का संतुलित उपयोग, नदी तटों पर वृक्षारोपण और जन-जागरूकता बढ़ाना आवश्यक है।