Q. जलवायु किसे कहते हैं?
Ans. किसी विस्तृत क्षेत्र में लंबे समय, सामान्यतः 30 वर्ष या उससे अधिक अवधि, के दौरान मौसम की औसत दशाओं और उनके बदलावों को जलवायु कहते हैं। तापमान, वर्षा, आर्द्रता और हवाएँ जलवायु के प्रमुख तत्व हैं।
Q. मौसम और जलवायु में क्या अंतर है?
Ans. मौसम किसी स्थान की थोड़े समय की वायुमंडलीय दशा है, जैसे आज का तापमान या वर्षा। जलवायु किसी क्षेत्र में लंबे समय तक मौसम की औसत दशाओं और उनके सामान्य स्वरूप को दर्शाती है।
Q. भारत की जलवायु को मानसूनी जलवायु क्यों कहा जाता है?
Ans. भारत में वर्ष के दौरान हवाओं की दिशा में मौसमी परिवर्तन होता है। दक्षिण-पश्चिम मानसून गर्मियों में अधिकांश वर्षा लाता है, जबकि सर्दियों में उत्तर-पूर्वी हवाएँ सामान्यतः शुष्क रहती हैं। इसी मौसमी पवन प्रणाली के कारण भारत की जलवायु को मानसूनी जलवायु कहा जाता है।
Q. भारत की जलवायु को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन-से हैं?
Ans. भारत की जलवायु को अक्षांश, ऊँचाई, समुद्र से दूरी, वायुदाब और पवन प्रणाली, पर्वतों की स्थिति तथा पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित करते हैं। इन कारकों के कारण देश के विभिन्न क्षेत्रों में तापमान और वर्षा में अंतर पाया जाता है।
Q. अक्षांश भारत की जलवायु को कैसे प्रभावित करता है?
Ans. कर्क रेखा भारत के लगभग मध्य भाग से गुजरती है। इसके दक्षिण का भाग उष्ण कटिबंध के निकट है, जबकि उत्तर का भाग उपोष्ण कटिबंध में आता है। इसलिए भारत के विभिन्न अक्षांशीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा और तापमान का वितरण अलग-अलग होता है।
Q. ऊँचाई का तापमान पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Ans. सामान्यतः ऊँचाई बढ़ने के साथ वायुमंडलीय तापमान घटता है। इसी कारण हिमालय के ऊँचे क्षेत्रों में अधिक ठंड पड़ती है, जबकि कम ऊँचाई वाले मैदानी क्षेत्रों में अपेक्षाकृत अधिक तापमान पाया जाता है।
Q. हिमालय भारत की जलवायु को किस प्रकार प्रभावित करता है?
Ans. हिमालय मध्य एशिया से आने वाली अत्यधिक ठंडी हवाओं को भारतीय उपमहाद्वीप में प्रवेश करने से काफी हद तक रोकता है। यह मानसूनी हवाओं को रोककर वर्षा कराने में भी सहायता करता है।
Q. मानसून क्या है?
Ans. मानसून ऐसी मौसमी पवन प्रणाली है जिसमें वर्ष के अलग-अलग समय पर हवाओं की दिशा बदल जाती है। भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा ऋतु के दौरान अधिकांश वर्षा लाता है।
Q. दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो प्रमुख शाखाएँ कौन-सी हैं?
Ans. दक्षिण-पश्चिम मानसून की दो प्रमुख शाखाएँ अरब सागर शाखा और बंगाल की खाड़ी शाखा हैं। अरब सागर शाखा पश्चिमी तट तथा पश्चिमी घाट के क्षेत्रों में वर्षा लाती है, जबकि बंगाल की खाड़ी शाखा पूर्वोत्तर भारत और गंगा के मैदानों की ओर बढ़ती है।
Q. भारत में वर्षा ऋतु सामान्यतः कब होती है?
Ans. भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्षा ऋतु सामान्यतः जून से सितंबर तक रहती है। मानसून के आगमन और वापसी का समय अलग-अलग क्षेत्रों में बदल सकता है।
Q. मानसून का प्रस्फोट क्या है?
Ans. मानसून का प्रस्फोट वह अवस्था है जब मानसूनी हवाओं के आगमन के साथ वर्षा अचानक तेज हो जाती है। भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगमन सामान्यतः जून के आरंभ में केरल के तट पर होता है।
Q. भारत में शीत ऋतु की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. भारत में शीत ऋतु सामान्यतः दिसंबर से फरवरी तक रहती है। इस दौरान उत्तरी भारत में तापमान कम रहता है, आसमान प्रायः साफ होता है और हवाएँ सामान्यतः शुष्क रहती हैं। पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर-पश्चिमी भारत में वर्षा और हिमालय में हिमपात हो सकता है।
Q. लौटते मानसून की ऋतु क्या है?
Ans. दक्षिण-पश्चिम मानसून की हवाओं के वापस लौटने की अवधि को लौटते मानसून की ऋतु कहा जाता है। भारत में यह मुख्यतः अक्टूबर और नवंबर में होती है। इस समय बंगाल की खाड़ी में चक्रवात बनने की संभावना रहती है।
Q. तमिलनाडु के तटीय भाग में शीत ऋतु के दौरान वर्षा क्यों होती है?
Ans. लौटते मानसून के दौरान उत्तर-पूर्वी हवाएँ बंगाल की खाड़ी से नमी ग्रहण कर सकती हैं। ये हवाएँ तमिलनाडु के तटीय भाग में वर्षा लाती हैं। बंगाल की खाड़ी में बनने वाले चक्रवात भी इस क्षेत्र में भारी वर्षा कर सकते हैं।
Q. भारत में वर्षा का वितरण असमान क्यों है?
Ans. भारत में वर्षा का वितरण मानसूनी हवाओं की दिशा, पर्वतों की स्थिति, समुद्र से दूरी और स्थानीय स्थलाकृति पर निर्भर करता है। पश्चिमी घाट के पवनाभिमुख भाग और पूर्वोत्तर भारत में अधिक वर्षा होती है, जबकि पश्चिमी राजस्थान और लद्दाख के कुछ भागों में बहुत कम वर्षा होती है।
Q. पश्चिमी घाट के पश्चिमी ढाल पर अधिक वर्षा क्यों होती है?
Ans. अरब सागर से आने वाली नम मानसूनी हवाएँ पश्चिमी घाट से टकराकर ऊपर उठती हैं। ऊपर उठने पर हवा ठंडी होती है और उसमें उपस्थित जलवाष्प संघनित होकर वर्षा करती है। इसे पर्वतीय या ओरोग्राफिक वर्षा कहते हैं।
Q. वर्षा छाया क्षेत्र क्या है?
Ans. किसी पर्वत के पवन-विमुख भाग में पर्वत पार करने के बाद हवा में नमी कम रह जाने से कम वर्षा होती है। इस कम वर्षा वाले क्षेत्र को वर्षा छाया क्षेत्र कहते हैं। दक्कन के पठार के कुछ आंतरिक भाग इसके उदाहरण हैं।
Q. लू क्या है?
Ans. लू गर्मियों में उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी भारत में चलने वाली अत्यधिक गर्म तथा शुष्क हवा है। यह सामान्यतः दिन के समय चलती है और इससे शरीर में पानी की कमी तथा लू लगने का खतरा बढ़ सकता है।
Q. मानसून में विराम का क्या अर्थ है?
Ans. मानसून में विराम वह स्थिति है जब वर्षा ऋतु के दौरान कुछ दिनों तक वर्षा कम हो जाती है या रुक जाती है। इसके पीछे मानसूनी गर्त की स्थिति में बदलाव और अन्य वायुमंडलीय परिस्थितियाँ हो सकती हैं।
Q. भारत की जलवायु का कृषि पर क्या प्रभाव पड़ता है?
Ans. भारत की कृषि मानसून और वर्षा के वितरण पर काफी निर्भर करती है। पर्याप्त और समय पर वर्षा धान जैसी फसलों के लिए उपयोगी होती है, जबकि कम या अनियमित वर्षा से सूखा और फसल नुकसान हो सकता है। इसलिए सिंचाई, जल संरक्षण और मौसम पूर्वानुमान कृषि के लिए महत्वपूर्ण हैं।