Q. लोहतुला पाठ का मुख्य पात्र कौन है?
Ans. इस कथा का मुख्य पात्र जीर्णधन नामक व्यापारी है।
Q. लोहतुला शब्द का क्या अर्थ है?
Ans. लोहतुला का अर्थ है लोहे से बनी तराजू।
Q. जीर्णधन ने अपनी लोहे की तराजू किसके पास रखी थी?
Ans. जीर्णधन ने अपनी लोहे की तराजू एक श्रेष्ठी के पास सुरक्षित रखी थी।
Q. जीर्णधन ने तराजू श्रेष्ठी के पास क्यों रखी थी?
Ans. जीर्णधन विदेश यात्रा पर जा रहा था, इसलिए उसने अपनी तराजू श्रेष्ठी के पास रख दी थी।
Q. जीर्णधन वापस आकर श्रेष्ठी से क्या माँगता है?
Ans. जीर्णधन अपनी लोहे की तराजू वापस माँगता है।
Q. श्रेष्ठी ने तराजू के बारे में क्या बहाना बनाया?
Ans. श्रेष्ठी ने कहा कि तराजू को चूहे खा गए।
Q. क्या चूहे लोहे की तराजू खा सकते हैं?
Ans. नहीं, चूहे लोहे की तराजू नहीं खा सकते।
Q. श्रेष्ठी का व्यवहार कैसा था?
Ans. श्रेष्ठी ने लालच में आकर झूठ बोला और बेईमानी की।
Q. जीर्णधन ने श्रेष्ठी के झूठ का उत्तर कैसे दिया?
Ans. जीर्णधन ने बुद्धिमानी से श्रेष्ठी के झूठ को उसी के सामने उजागर करने की योजना बनाई।
Q. जीर्णधन ने श्रेष्ठी के पुत्र को कहाँ ले जाने का प्रस्ताव किया?
Ans. जीर्णधन ने श्रेष्ठी के पुत्र को नदी के पास ले जाने का प्रस्ताव किया।
Q. जीर्णधन ने श्रेष्ठी के पुत्र के बारे में क्या कहा?
Ans. जीर्णधन ने कहा कि एक बाज श्रेष्ठी के पुत्र को उठा ले गया।
Q. श्रेष्ठी ने जीर्णधन की बात पर आपत्ति क्यों की?
Ans. श्रेष्ठी ने कहा कि बाज किसी बालक को उठाकर नहीं ले जा सकता।
Q. जीर्णधन ने श्रेष्ठी को क्या तर्क दिया?
Ans. जीर्णधन ने कहा कि यदि चूहे लोहे की तराजू खा सकते हैं, तो बाज भी बालक को उठा सकता है।
Q. जीर्णधन की योजना का उद्देश्य क्या था?
Ans. उसकी योजना का उद्देश्य श्रेष्ठी के झूठ को उजागर करके अपनी तराजू वापस प्राप्त करना था।
Q. इस कथा में जीर्णधन की कौन-सी विशेषता दिखाई देती है?
Ans. जीर्णधन की बुद्धिमानी, धैर्य और परिस्थिति के अनुसार तर्क देने की क्षमता दिखाई देती है।
Q. श्रेष्ठी ने तराजू अपने पास क्यों रख ली थी?
Ans. श्रेष्ठी ने लालच के कारण जीर्णधन की तराजू लौटाने से इनकार किया था।
Q. जीर्णधन ने समस्या का समाधान कैसे किया?
Ans. उसने श्रेष्ठी के झूठ को उसी प्रकार के असंभव तर्क से सामने रखकर समस्या का समाधान किया।
Q. लोहतुला कथा में किस बुराई की निंदा की गई है?
Ans. इस कथा में लालच, झूठ और बेईमानी की निंदा की गई है।
Q. लोहतुला पाठ से क्या शिक्षा मिलती है?
Ans. इस पाठ से शिक्षा मिलती है कि बुद्धि और धैर्य से अन्याय का सामना किया जा सकता है।
Q. जीर्णधन के चरित्र से हमें क्या सीखना चाहिए?
Ans. हमें कठिन परिस्थिति में धैर्य रखना चाहिए, बुद्धिमानी से काम लेना चाहिए और अन्याय के सामने हार नहीं माननी चाहिए।