❓ Question Answer

Chapter 1 - पालमपुर गाँव की कहानी

Q. पालमपुर गाँव की कहानी किस विषय से संबंधित है?
Ans. यह अध्याय गाँव में उत्पादन की प्रक्रिया, खेती और गैर-कृषि गतिविधियों को समझाता है।
Q. पालमपुर गाँव कैसा गाँव है?
Ans. पालमपुर एक काल्पनिक गाँव है, जिसका उदाहरण देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समझाया गया है।
Q. उत्पादन के चार प्रमुख कारक कौन-कौन से हैं?
Ans. भूमि, श्रम, भौतिक पूँजी और मानव पूँजी।
Q. भूमि उत्पादन का कौन-सा कारक है?
Ans. भूमि उत्पादन का प्राकृतिक संसाधन है, जिस पर खेती और अन्य उत्पादन गतिविधियाँ की जाती हैं।
Q. श्रम से क्या तात्पर्य है?
Ans. उत्पादन के लिए लोगों द्वारा किया गया शारीरिक या मानसिक कार्य श्रम कहलाता है।
Q. भौतिक पूँजी क्या है?
Ans. उत्पादन में उपयोग होने वाली मशीनें, औजार, भवन, कच्चा माल और धन भौतिक पूँजी के अंतर्गत आते हैं।
Q. मानव पूँजी किसे कहते हैं?
Ans. उत्पादन में काम आने वाला लोगों का ज्ञान, कौशल और अनुभव मानव पूँजी कहलाता है।
Q. स्थिर पूँजी क्या है?
Ans. वे साधन जो कई वर्षों तक उत्पादन में उपयोग किए जा सकते हैं, जैसे मशीनें और औजार, स्थिर पूँजी कहलाते हैं।
Q. कार्यशील पूँजी क्या है?
Ans. वे साधन जो उत्पादन प्रक्रिया में खर्च हो जाते हैं या लगातार उपयोग किए जाते हैं, जैसे कच्चा माल और नकद धन, कार्यशील पूँजी कहलाते हैं।
Q. बहुविध फसल प्रणाली या बहुफसलीकरण क्या है?
Ans. एक वर्ष में एक ही भूमि पर एक से अधिक फसलें उगाने की प्रक्रिया बहुफसलीकरण कहलाती है।
Q. पालमपुर में सिंचाई के लिए किसका उपयोग किया जाता है?
Ans. पालमपुर में नलकूपों और बिजली से चलने वाले पंपों का उपयोग सिंचाई के लिए किया जाता है।
Q. आधुनिक खेती की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. उच्च उपज वाले बीज, रासायनिक उर्वरक, कीटनाशक, सिंचाई और कृषि मशीनों का उपयोग आधुनिक खेती की प्रमुख विशेषताएँ हैं।
Q. हरित क्रांति से क्या तात्पर्य है?
Ans. उच्च उपज वाले बीजों और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रयोग से खाद्यान्न उत्पादन में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को हरित क्रांति कहते हैं।
Q. छोटे किसान खेती के लिए धन कहाँ से प्राप्त करते हैं?
Ans. छोटे किसान अपनी बचत, साहूकारों, व्यापारियों या अन्य ऋणदाताओं से धन उधार लेकर खेती का खर्च पूरा कर सकते हैं।
Q. भूमि की आपूर्ति सीमित क्यों है?
Ans. किसी गाँव में खेती योग्य भूमि का क्षेत्रफल सीमित होता है, इसलिए खेती के लिए भूमि आसानी से बढ़ाई नहीं जा सकती।
Q. गैर-कृषि गतिविधियाँ क्या हैं?
Ans. खेती के अतिरिक्त की जाने वाली गतिविधियाँ, जैसे डेयरी, छोटे पैमाने का विनिर्माण, दुकानदारी और परिवहन, गैर-कृषि गतिविधियाँ कहलाती हैं।
Q. पालमपुर में डेयरी गतिविधि कैसे की जाती है?
Ans. कुछ परिवार गाय-भैंस पालते हैं, दूध निकालते हैं और उसे बेचकर आय प्राप्त करते हैं।
Q. छोटे पैमाने के विनिर्माण का एक उदाहरण दीजिए।
Ans. घरेलू या छोटी कार्यशाला में वस्तुओं का निर्माण करना छोटे पैमाने के विनिर्माण का उदाहरण है।
Q. परिवहन गतिविधि से गाँव के लोगों को कैसे आय होती है?
Ans. लोग यात्रियों या सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाकर किराया कमाते हैं।
Q. पालमपुर की कहानी से क्या सीख मिलती है?
Ans. उत्पादन के लिए भूमि, श्रम, पूँजी और मानव कौशल आवश्यक हैं तथा खेती के साथ गैर-कृषि गतिविधियाँ भी ग्रामीण रोजगार और आय बढ़ाती हैं।

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