❓ Question Answer

Chapter 12 - लखनवी अंदाज़

Q. लखनवी अंदाज़ पाठ के लेखक कौन हैं?
Ans. लखनवी अंदाज़ पाठ के लेखक यशपाल हैं।
Q. लखनवी अंदाज़ पाठ की विधा क्या है?
Ans. यह एक व्यंग्यात्मक कहानी है।
Q. लेखक ने लखनऊ स्टेशन पर किसे देखा?
Ans. लेखक ने लखनऊ स्टेशन पर नवाब साहब को देखा, जो रेल के डिब्बे में अकेले बैठे थे।
Q. नवाब साहब ने लेखक को देखकर क्या किया?
Ans. नवाब साहब ने लेखक को देखकर असहजता महसूस की और उनसे बातचीत करने में विशेष रुचि नहीं दिखाई।
Q. नवाब साहब ने खीरा खाने के लिए क्या तैयारी की?
Ans. उन्होंने खीरे धोए, काटे, उन पर नमक-मिर्च लगाया और बड़े नफासत भरे अंदाज़ में खाने की तैयारी की।
Q. नवाब साहब ने खीरे की फाँकों का क्या किया?
Ans. उन्होंने खीरे की फाँकों को सूँघा, उनका स्वाद लेने जैसा अभिनय किया और अंत में उन्हें खिड़की से बाहर फेंक दिया।
Q. नवाब साहब ने खीरा खाने के बजाय बाहर क्यों फेंक दिया?
Ans. उन्होंने अपनी नवाबी नफासत और दिखावे को बनाए रखने के लिए खीरा खाने के बजाय उसे बाहर फेंक दिया।
Q. लेखक को नवाब साहब का व्यवहार कैसा लगा?
Ans. लेखक को नवाब साहब का व्यवहार बनावटी, दिखावटी और हास्यास्पद लगा।
Q. लखनवी अंदाज़ में किस प्रवृत्ति पर व्यंग्य किया गया है?
Ans. इस पाठ में झूठी शान, बनावटी नफासत और सामंती मानसिकता पर व्यंग्य किया गया है।
Q. नवाब साहब ने लेखक से बातचीत करने में रुचि क्यों नहीं दिखाई?
Ans. वे अपनी विशिष्टता और नवाबी प्रतिष्ठा का प्रदर्शन करना चाहते थे तथा सामान्य मेल-जोल से बचते दिखाई दिए।
Q. नवाब साहब का खीरा सूँघना किस बात का संकेत है?
Ans. यह उनके बनावटी शिष्टाचार, नफासत और दिखावे की प्रवृत्ति का संकेत है।
Q. लेखक ने नवाब साहब के व्यवहार को हास्यास्पद क्यों माना?
Ans. क्योंकि नवाब साहब ने खीरे को खाने के लिए तैयार किया, लेकिन उसे खाया नहीं और केवल दिखावे के बाद फेंक दिया।
Q. लखनवी अंदाज़ शीर्षक का क्या अर्थ है?
Ans. शीर्षक उस विशेष नवाबी नफासत और तहज़ीब की ओर संकेत करता है, जो कहानी में दिखावे और बनावटी व्यवहार के रूप में प्रस्तुत हुई है।
Q. पाठ में खीरा किस भूमिका में प्रस्तुत हुआ है?
Ans. खीरा कहानी की मुख्य घटना का केंद्र है, जिसके माध्यम से नवाब साहब के दिखावे और बनावटी शान को उजागर किया गया है।
Q. यशपाल ने नवाब साहब के चरित्र के माध्यम से क्या दिखाया है?
Ans. लेखक ने ऐसे व्यक्ति का चित्रण किया है जो वास्तविकता से अधिक अपनी प्रतिष्ठा और बाहरी दिखावे को महत्व देता है।
Q. कहानी में लेखक की प्रतिक्रिया कैसी थी?
Ans. लेखक नवाब साहब के व्यवहार को देखकर आश्चर्यचकित हुए और उनके दिखावे पर मन ही मन व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
Q. पाठ में सामंती मानसिकता से क्या आशय है?
Ans. सामंती मानसिकता से आशय ऐसी सोच से है जिसमें व्यक्ति अपनी ऊँची सामाजिक स्थिति, प्रतिष्ठा और विशेष अधिकारों का दिखावा करता है।
Q. लखनवी अंदाज़ की भाषा-शैली कैसी है?
Ans. इसकी भाषा सरल, रोचक, व्यंग्यात्मक और संवादप्रधान है।
Q. लखनवी अंदाज़ पाठ से क्या शिक्षा मिलती है?
Ans. यह पाठ सिखाता है कि बाहरी दिखावे और झूठी प्रतिष्ठा के बजाय सहजता, सच्चाई और स्वाभाविक व्यवहार को महत्व देना चाहिए।
Q. लखनवी अंदाज़ कहानी का मुख्य संदेश क्या है?
Ans. कहानी का मुख्य संदेश है कि बनावटी शान और झूठी नफासत व्यक्ति को हास्यास्पद बना सकती है।

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