❓ Question Answer

Chapter 20 - साना-साना हाथ जोड़ि

Q. साना-साना हाथ जोड़ि पाठ की लेखिका कौन हैं?
Ans. इस पाठ की लेखिका मधु कांकरिया हैं।
Q. साना-साना हाथ जोड़ि किस विधा की रचना है?
Ans. यह एक यात्रा-वृत्तांत है।
Q. पाठ में लेखिका किस स्थान की यात्रा करती हैं?
Ans. लेखिका सिक्किम और उसके आसपास के पर्वतीय क्षेत्रों की यात्रा करती हैं।
Q. साना-साना हाथ जोड़ि शीर्षक का क्या अर्थ है?
Ans. यह नेपाली प्रार्थना या विनम्र अभिव्यक्ति से जुड़ा वाक्यांश है, जिसका भाव हाथ जोड़कर प्रार्थना करना है।
Q. लेखिका की यात्रा का प्रमुख उद्देश्य क्या था?
Ans. लेखिका का उद्देश्य पर्वतीय प्राकृतिक सौंदर्य, स्थानीय जीवन और संस्कृति को निकट से अनुभव करना था।
Q. गंगटोक किस राज्य की राजधानी है?
Ans. गंगटोक सिक्किम राज्य की राजधानी है।
Q. पाठ में हिमालय के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन कैसे किया गया है?
Ans. पाठ में पर्वतों, घाटियों, बादलों, झरनों और हरियाली के मनोहारी दृश्यों का वर्णन है।
Q. यात्रा के दौरान लेखिका को कौन-कौन से प्राकृतिक दृश्य दिखाई देते हैं?
Ans. उन्हें ऊँचे पर्वत, घुमावदार सड़कें, घाटियाँ, झरने और बादलों से ढकी पहाड़ियाँ दिखाई देती हैं।
Q. पाठ में पहाड़ी लोगों के जीवन की कौन-सी विशेषताएँ सामने आती हैं?
Ans. उनके जीवन में परिश्रम, सादगी, प्रकृति से निकटता और अपनी संस्कृति के प्रति लगाव दिखाई देता है।
Q. लेखिका को पर्वतीय यात्रा से क्या अनुभव प्राप्त होता है?
Ans. उन्हें प्रकृति की सुंदरता, स्थानीय संस्कृति और जीवन की विविधता को समझने का अवसर मिलता है।
Q. पाठ में प्रकृति और मनुष्य के संबंध को कैसे दिखाया गया है?
Ans. प्रकृति पहाड़ी लोगों के जीवन, आजीविका और संस्कृति से गहराई से जुड़ी दिखाई देती है।
Q. पर्वतीय रास्तों की क्या विशेषता बताई गई है?
Ans. पर्वतीय रास्ते घुमावदार, ऊँचे-नीचे और प्राकृतिक दृश्यों से घिरे हुए हैं।
Q. यात्रा-वृत्तांत में स्थानीय संस्कृति का क्या महत्व है?
Ans. स्थानीय संस्कृति यात्रा को विशिष्ट बनाती है और वहाँ के लोगों की परंपराओं तथा जीवन-मूल्यों से परिचित कराती है।
Q. पाठ में पर्यावरण संरक्षण का संदेश कैसे मिलता है?
Ans. प्रकृति के सौंदर्य और उसकी महत्ता का वर्णन हमें पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है।
Q. लेखिका को पहाड़ों का वातावरण कैसा लगता है?
Ans. उन्हें पहाड़ों का वातावरण सुंदर, शांत, आकर्षक और प्रकृति के निकट अनुभव होता है।
Q. यात्रा के दौरान लेखिका किन कठिनाइयों का अनुभव करती हैं?
Ans. पर्वतीय यात्रा में ऊँचाई, घुमावदार रास्तों और दुर्गम भूभाग जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है।
Q. पाठ में श्रम करने वाले लोगों का क्या महत्व है?
Ans. उनके परिश्रम से पर्वतीय जीवन और पर्यटन की गतिविधियाँ चलती हैं।
Q. साना-साना हाथ जोड़ि पाठ की भाषा-शैली कैसी है?
Ans. इसकी भाषा चित्रात्मक, भावपूर्ण, वर्णनात्मक और यात्रा के अनुभवों को व्यक्त करने वाली है।
Q. पाठ में यात्रा का मानवीय पक्ष क्या है?
Ans. यात्रा के माध्यम से अलग-अलग लोगों, उनकी संस्कृति और जीवन-संघर्ष को समझने का अवसर मिलता है।
Q. साना-साना हाथ जोड़ि पाठ से क्या शिक्षा मिलती है?
Ans. यह पाठ प्रकृति से प्रेम, स्थानीय संस्कृति के सम्मान, मानवीय संवेदना और पर्यावरण संरक्षण की प्रेरणा देता है।

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