Q. प्राकृतिक संसाधन किसे कहते हैं?
Ans. प्रकृति से प्राप्त वे पदार्थ और साधन जिनका उपयोग मनुष्य अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करता है, प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं। जैसे जल, वायु, मिट्टी, वन और खनिज।
Q. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन क्यों आवश्यक है?
Ans. प्राकृतिक संसाधनों का सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग करने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा भावी पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखने हेतु उनका प्रबंधन आवश्यक है।
Q. सतत विकास का क्या अर्थ है?
Ans. ऐसा विकास जिसमें वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताएँ पूरी हों और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता प्रभावित न हो, सतत विकास कहलाता है।
Q. 3R सिद्धांत क्या है?
Ans. 3R सिद्धांत में Reduce अर्थात उपयोग कम करना, Reuse अर्थात पुनः उपयोग करना और Recycle अर्थात पुनर्चक्रण करना शामिल है।
Q. वनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
Ans. वन जैव विविधता को सुरक्षित रखते हैं, मिट्टी के कटाव को रोकते हैं, जलवायु संतुलित करते हैं और अनेक जीवों को आवास प्रदान करते हैं।
Q. वनों की कटाई से क्या हानियाँ होती हैं?
Ans. वनों की कटाई से मिट्टी का कटाव, जैव विविधता की हानि, वर्षा चक्र में बदलाव, बाढ़ तथा जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
Q. चिपको आंदोलन क्या था?
Ans. चिपको आंदोलन पेड़ों की कटाई रोकने के लिए चलाया गया एक जन आंदोलन था। इसमें लोग पेड़ों से चिपककर उन्हें कटने से बचाते थे।
Q. जल संरक्षण के दो प्रमुख उपाय लिखिए।
Ans. वर्षा जल संचयन करना और जल का विवेकपूर्ण उपयोग करना जल संरक्षण के दो प्रमुख उपाय हैं।
Q. वर्षा जल संचयन क्या है?
Ans. वर्षा के पानी को छतों, टंकियों, तालाबों या भूमिगत संरचनाओं में एकत्र करके भविष्य में उपयोग करने अथवा भूजल पुनर्भरण के लिए सुरक्षित रखने की प्रक्रिया वर्षा जल संचयन कहलाती है।
Q. बड़े बाँधों के दो लाभ और दो नुकसान लिखिए।
Ans. लाभ: सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन। नुकसान: लोगों का विस्थापन तथा वन क्षेत्रों और प्राकृतिक आवासों का जलमग्न होना।
Q. जलागम प्रबंधन क्या है?
Ans. किसी जलागम क्षेत्र में मिट्टी और जल का संरक्षण करने तथा वर्षा जल के उचित उपयोग की योजना को जलागम प्रबंधन कहते हैं।
Q. भूजल स्तर कम होने के प्रमुख कारण क्या हैं?
Ans. भूजल का अत्यधिक दोहन, वर्षा जल का भूमि में कम रिसाव, शहरीकरण तथा जल का अपव्यय भूजल स्तर कम होने के प्रमुख कारण हैं।
Q. जीवाश्म ईंधन किसे कहते हैं?
Ans. प्राचीन जीवों और वनस्पतियों के अवशेषों से लाखों वर्षों में बने ईंधन जीवाश्म ईंधन कहलाते हैं। कोयला और पेट्रोलियम इसके उदाहरण हैं।
Q. कोयला और पेट्रोलियम का संरक्षण क्यों जरूरी है?
Ans. ये सीमित और अनवीकरणीय संसाधन हैं। इनके निर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए इनके विवेकपूर्ण उपयोग से भविष्य के लिए उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है।
Q. वन प्रबंधन में स्थानीय लोगों की क्या भूमिका है?
Ans. स्थानीय लोग वन संरक्षण, अवैध कटाई रोकने, आग से बचाव, पौधारोपण और वन संसाधनों के सतत उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Q. हितधारक किसे कहते हैं?
Ans. वे व्यक्ति, समूह या संस्थाएँ जो किसी संसाधन के उपयोग, संरक्षण या उससे प्रभावित होने से जुड़े हों, हितधारक कहलाते हैं।
Q. वन्यजीव संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. वन्यजीव संरक्षण से जैव विविधता बनी रहती है, खाद्य शृंखलाएँ संतुलित रहती हैं और पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता सुरक्षित रहती है।
Q. पुनर्चक्रण से प्राकृतिक संसाधनों को कैसे बचाया जा सकता है?
Ans. कागज, काँच, धातु और कुछ प्लास्टिक का पुनर्चक्रण करने से नए कच्चे माल की आवश्यकता तथा ऊर्जा और कचरे की मात्रा कम हो सकती है।
Q. नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर बताइए।
Ans. नवीकरणीय संसाधन प्राकृतिक प्रक्रियाओं से अपेक्षाकृत कम समय में फिर उपलब्ध हो सकते हैं, जैसे सूर्य का प्रकाश। अनवीकरणीय संसाधन सीमित होते हैं और बनने में बहुत लंबा समय लेते हैं, जैसे कोयला।
Q. विद्यार्थी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में कैसे योगदान दे सकते हैं?
Ans. विद्यार्थी पानी और बिजली बचाकर, कागज का कम उपयोग करके, पौधे लगाकर, कचरे को अलग करके, पुनः उपयोग अपनाकर और दूसरों को जागरूक करके योगदान दे सकते हैं।
Q. प्राकृतिक संसाधन किसे कहते हैं?
Ans. प्रकृति से प्राप्त वे पदार्थ और साधन जिनका उपयोग मनुष्य अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करता है, प्राकृतिक संसाधन कहलाते हैं। जैसे जल, वायु, मिट्टी, वन और खनिज।
Q. प्राकृतिक संसाधनों का प्रबंधन क्यों आवश्यक है?
Ans. प्राकृतिक संसाधनों का सीमित और विवेकपूर्ण उपयोग करने, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा भावी पीढ़ियों के लिए संसाधनों को सुरक्षित रखने हेतु उनका प्रबंधन आवश्यक है।
Q. सतत विकास का क्या अर्थ है?
Ans. ऐसा विकास जिसमें वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताएँ पूरी हों और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता प्रभावित न हो, सतत विकास कहलाता है।
Q. 3R सिद्धांत क्या है?
Ans. 3R सिद्धांत में Reduce अर्थात उपयोग कम करना, Reuse अर्थात पुनः उपयोग करना और Recycle अर्थात पुनर्चक्रण करना शामिल है।
Q. वनों का संरक्षण क्यों आवश्यक है?
Ans. वन जैव विविधता को सुरक्षित रखते हैं, मिट्टी के कटाव को रोकते हैं, जलवायु संतुलित करते हैं और अनेक जीवों को आवास प्रदान करते हैं।
Q. वनों की कटाई से क्या हानियाँ होती हैं?
Ans. वनों की कटाई से मिट्टी का कटाव, जैव विविधता की हानि, वर्षा चक्र में बदलाव, बाढ़ तथा जलवायु परिवर्तन जैसी समस्याएँ बढ़ सकती हैं।
Q. चिपको आंदोलन क्या था?
Ans. चिपको आंदोलन पेड़ों की कटाई रोकने के लिए चलाया गया एक जन आंदोलन था। इसमें लोग पेड़ों से चिपककर उन्हें कटने से बचाते थे।
Q. जल संरक्षण के दो प्रमुख उपाय लिखिए।
Ans. वर्षा जल संचयन करना और जल का विवेकपूर्ण उपयोग करना जल संरक्षण के दो प्रमुख उपाय हैं।
Q. वर्षा जल संचयन क्या है?
Ans. वर्षा के पानी को छतों, टंकियों, तालाबों या भूमिगत संरचनाओं में एकत्र करके भविष्य में उपयोग करने अथवा भूजल पुनर्भरण के लिए सुरक्षित रखने की प्रक्रिया वर्षा जल संचयन कहलाती है।
Q. बड़े बाँधों के दो लाभ और दो नुकसान लिखिए।
Ans. लाभ: सिंचाई और जलविद्युत उत्पादन। नुकसान: लोगों का विस्थापन तथा वन क्षेत्रों और प्राकृतिक आवासों का जलमग्न होना।
Q. जलागम प्रबंधन क्या है?
Ans. किसी जलागम क्षेत्र में मिट्टी और जल का संरक्षण करने तथा वर्षा जल के उचित उपयोग की योजना को जलागम प्रबंधन कहते हैं।
Q. भूजल स्तर कम होने के प्रमुख कारण क्या हैं?
Ans. भूजल का अत्यधिक दोहन, वर्षा जल का भूमि में कम रिसाव, शहरीकरण तथा जल का अपव्यय भूजल स्तर कम होने के प्रमुख कारण हैं।
Q. जीवाश्म ईंधन किसे कहते हैं?
Ans. प्राचीन जीवों और वनस्पतियों के अवशेषों से लाखों वर्षों में बने ईंधन जीवाश्म ईंधन कहलाते हैं। कोयला और पेट्रोलियम इसके उदाहरण हैं।
Q. कोयला और पेट्रोलियम का संरक्षण क्यों जरूरी है?
Ans. ये सीमित और अनवीकरणीय संसाधन हैं। इनके निर्माण में लाखों वर्ष लगते हैं, इसलिए इनके विवेकपूर्ण उपयोग से भविष्य के लिए उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है।
Q. वन प्रबंधन में स्थानीय लोगों की क्या भूमिका है?
Ans. स्थानीय लोग वन संरक्षण, अवैध कटाई रोकने, आग से बचाव, पौधारोपण और वन संसाधनों के सतत उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Q. हितधारक किसे कहते हैं?
Ans. वे व्यक्ति, समूह या संस्थाएँ जो किसी संसाधन के उपयोग, संरक्षण या उससे प्रभावित होने से जुड़े हों, हितधारक कहलाते हैं।
Q. वन्यजीव संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है?
Ans. वन्यजीव संरक्षण से जैव विविधता बनी रहती है, खाद्य शृंखलाएँ संतुलित रहती हैं और पारिस्थितिकी तंत्र की स्थिरता सुरक्षित रहती है।
Q. पुनर्चक्रण से प्राकृतिक संसाधनों को कैसे बचाया जा सकता है?
Ans. कागज, काँच, धातु और कुछ प्लास्टिक का पुनर्चक्रण करने से नए कच्चे माल की आवश्यकता तथा ऊर्जा और कचरे की मात्रा कम हो सकती है।
Q. नवीकरणीय और अनवीकरणीय संसाधनों में अंतर बताइए।
Ans. नवीकरणीय संसाधन प्राकृतिक प्रक्रियाओं से अपेक्षाकृत कम समय में फिर उपलब्ध हो सकते हैं, जैसे सूर्य का प्रकाश। अनवीकरणीय संसाधन सीमित होते हैं और बनने में बहुत लंबा समय लेते हैं, जैसे कोयला।
Q. विद्यार्थी प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में कैसे योगदान दे सकते हैं?
Ans. विद्यार्थी पानी और बिजली बचाकर, कागज का कम उपयोग करके, पौधे लगाकर, कचरे को अलग करके, पुनः उपयोग अपनाकर और दूसरों को जागरूक करके योगदान दे सकते हैं।