Q. संसाधन किसे कहते हैं?
Ans. पर्यावरण में उपलब्ध वे सभी वस्तुएँ संसाधन कहलाती हैं जिनका उपयोग मानव अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए करता है और जो तकनीकी रूप से सुलभ, आर्थिक रूप से उपयोगी तथा सांस्कृतिक रूप से स्वीकार्य हों।
Q. संसाधनों का वर्गीकरण किन आधारों पर किया जाता है?
Ans. संसाधनों का वर्गीकरण उत्पत्ति, समाप्त होने की संभावना, स्वामित्व और विकास की स्थिति के आधार पर किया जाता है।
Q. जैव और अजैव संसाधनों में क्या अंतर है?
Ans. जैव संसाधन जीवमंडल से प्राप्त होते हैं, जैसे वनस्पति और पशु। अजैव संसाधन निर्जीव वस्तुओं से बने होते हैं, जैसे चट्टानें, खनिज और जल।
Q. नवीकरणीय संसाधन क्या हैं?
Ans. वे संसाधन जो प्राकृतिक प्रक्रियाओं द्वारा अपेक्षाकृत कम समय में पुनः प्राप्त किए जा सकते हैं, नवीकरणीय संसाधन कहलाते हैं। उदाहरण: सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा।
Q. अनवीकरणीय संसाधन क्या हैं?
Ans. वे संसाधन जिनका निर्माण होने में बहुत लंबा भूवैज्ञानिक समय लगता है और जिनके भंडार सीमित हैं, अनवीकरणीय संसाधन कहलाते हैं। उदाहरण: कोयला और पेट्रोलियम।
Q. संसाधन नियोजन क्यों आवश्यक है?
Ans. संसाधन नियोजन संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग, संरक्षण, समान वितरण और भविष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए आवश्यक है।
Q. भारत में संसाधन नियोजन के प्रमुख चरण कौन-से हैं?
Ans. प्रमुख चरण हैं: संसाधनों की पहचान और सूची तैयार करना, उपयुक्त तकनीक एवं संस्थागत व्यवस्था विकसित करना तथा संसाधन विकास योजनाओं को राष्ट्रीय विकास योजनाओं से जोड़ना।
Q. सतत विकास का क्या अर्थ है?
Ans. सतत विकास वह विकास है जो वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों की अपनी आवश्यकताएँ पूरी करने की क्षमता को नुकसान नहीं पहुँचाता।
Q. रियो पृथ्वी सम्मेलन कब हुआ था?
Ans. रियो पृथ्वी सम्मेलन जून 1992 में ब्राजील के रियो डी जेनेरो में आयोजित हुआ था। इसमें पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर चर्चा की गई।
Q. एजेंडा 21 क्या है?
Ans. एजेंडा 21 सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए रियो पृथ्वी सम्मेलन 1992 में स्वीकार किया गया एक वैश्विक कार्ययोजना कार्यक्रम है।
Q. भूमि संसाधन का क्या महत्व है?
Ans. भूमि कृषि, वानिकी, खनन, आवास, उद्योग, परिवहन और प्राकृतिक वनस्पति के लिए आधार प्रदान करती है।
Q. भूमि निम्नीकरण के प्रमुख कारण क्या हैं?
Ans. वनों की कटाई, अतिचारण, खनन, अत्यधिक सिंचाई, औद्योगिक अपशिष्ट और अनुचित कृषि पद्धतियाँ भूमि निम्नीकरण के प्रमुख कारण हैं।
Q. भूमि संरक्षण के उपाय बताइए।
Ans. वनीकरण, नियंत्रित चराई, उचित सिंचाई, खनन क्षेत्रों का पुनर्वास, औद्योगिक अपशिष्ट का उपचार और मृदा संरक्षण भूमि की गुणवत्ता बनाए रखने के प्रमुख उपाय हैं।
Q. मृदा निर्माण को प्रभावित करने वाले कारक कौन-से हैं?
Ans. मृदा निर्माण को मूल चट्टान, जलवायु, स्थलाकृति, वनस्पति एवं जीव-जंतु तथा समय प्रभावित करते हैं।
Q. जलोढ़ मृदा की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
Ans. जलोढ़ मृदा नदियों द्वारा लाई गई मिट्टी और अवसादों से बनती है। यह उत्तरी मैदानों और नदी डेल्टाओं में व्यापक रूप से पाई जाती है तथा कृषि के लिए बहुत उपयोगी है।
Q. काली मृदा किस फसल के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है?
Ans. काली मृदा कपास की खेती के लिए विशेष रूप से उपयुक्त है। इसे रेगुर मृदा भी कहा जाता है और इसमें नमी धारण करने की अच्छी क्षमता होती है।
Q. लाल और पीली मृदा का रंग कैसा होता है?
Ans. लाल मृदा का रंग लौह यौगिकों के कारण लाल होता है। जलयोजित रूप में लौह यौगिकों के कारण इसका रंग पीला दिखाई दे सकता है।
Q. लेटराइट मृदा का निर्माण कैसे होता है?
Ans. उच्च तापमान और अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में तीव्र निक्षालन की प्रक्रिया से लेटराइट मृदा बनती है। इसमें कई घुलनशील पदार्थ बह जाते हैं।
Q. मृदा अपरदन क्या है?
Ans. जल, वायु या अन्य प्राकृतिक शक्तियों द्वारा मृदा की ऊपरी उपजाऊ परत का हट जाना मृदा अपरदन कहलाता है।
Q. मृदा संरक्षण के प्रमुख उपाय कौन-से हैं?
Ans. समोच्च जुताई, सीढ़ीदार खेती, पट्टीदार खेती, वृक्षारोपण और रक्षक मेखलाएँ मृदा अपरदन को कम करने के प्रमुख उपाय हैं।