Q. राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ किसे कहा जाता है?
Ans. परिवहन, संचार और व्यापार के साधनों को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की जीवन रेखाएँ कहा जाता है, क्योंकि ये लोगों, वस्तुओं और सेवाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाकर आर्थिक विकास में सहायता करते हैं।
Q. परिवहन का क्या अर्थ है?
Ans. लोगों और वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने की व्यवस्था परिवहन कहलाती है। सड़क, रेल, जल और वायु परिवहन इसके प्रमुख साधन हैं।
Q. सड़क परिवहन के प्रमुख लाभ क्या हैं?
Ans. सड़क परिवहन घर-घर तक पहुँचने, कम दूरी की यात्रा, ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने और माल को सीधे गंतव्य तक पहुँचाने में उपयोगी है।
Q. रेल परिवहन का क्या महत्व है?
Ans. रेल परिवहन बड़ी संख्या में यात्रियों और भारी माल को लंबी दूरी तक अपेक्षाकृत कम लागत में पहुँचाने में सहायक है। यह देश के विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ता है।
Q. भारत में सड़क परिवहन के प्रमुख प्रकार कौन-से हैं?
Ans. भारत में स्वर्णिम चतुर्भुज, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग, जिला सड़कें, अन्य ग्रामीण सड़कें और सीमा सड़कें प्रमुख श्रेणियाँ हैं।
Q. स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना क्या है?
Ans. स्वर्णिम चतुर्भुज एक प्रमुख राजमार्ग परियोजना है, जो दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे महानगरों को सड़क नेटवर्क से जोड़ती है।
Q. सीमा सड़क संगठन का क्या कार्य है?
Ans. सीमा सड़क संगठन सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सड़कें बनाने तथा उनके रखरखाव का कार्य करता है। इससे संपर्क, रक्षा और क्षेत्रीय विकास में सहायता मिलती है।
Q. पाइपलाइन परिवहन का क्या महत्व है?
Ans. पाइपलाइन परिवहन से पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस और कुछ अन्य तरल पदार्थों को लगातार एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जा सकता है।
Q. जल परिवहन को किफायती परिवहन क्यों माना जाता है?
Ans. जल परिवहन भारी और अधिक मात्रा वाले माल को लंबी दूरी तक ले जाने में उपयोगी है। कई परिस्थितियों में इसकी प्रति इकाई परिवहन लागत कम होती है।
Q. अंतर्देशीय जलमार्ग क्या हैं?
Ans. देश के भीतर नदियों, नहरों और अन्य नौगम्य जलमार्गों से होने वाला परिवहन अंतर्देशीय जल परिवहन कहलाता है।
Q. वायु परिवहन का प्रमुख लाभ क्या है?
Ans. वायु परिवहन लंबी दूरी को कम समय में तय करने में सक्षम है। यह दुर्गम, पहाड़ी और आपदा प्रभावित क्षेत्रों तक पहुँचने में भी उपयोगी है।
Q. संचार के साधन अर्थव्यवस्था के लिए क्यों आवश्यक हैं?
Ans. संचार के साधन सूचना का तेज आदान-प्रदान करते हैं। इससे व्यापार, शिक्षा, प्रशासन, बैंकिंग और आपातकालीन सेवाओं को सहायता मिलती है।
Q. व्यक्तिगत और जनसंचार में क्या अंतर है?
Ans. व्यक्तिगत संचार में सूचना मुख्यतः व्यक्तियों के बीच पहुँचती है, जैसे फोन या ईमेल। जनसंचार के साधन समाचार, रेडियो, टेलीविजन और इंटरनेट जैसे माध्यमों से बड़ी संख्या में लोगों तक सूचना पहुँचाते हैं।
Q. अंतरराष्ट्रीय व्यापार क्या है?
Ans. जब दो या दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का आदान-प्रदान होता है, तो उसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार कहा जाता है।
Q. आयात और निर्यात में क्या अंतर है?
Ans. विदेश से वस्तुएँ या सेवाएँ खरीदना आयात कहलाता है, जबकि अपने देश से वस्तुएँ या सेवाएँ दूसरे देशों को बेचना निर्यात कहलाता है।
Q. व्यापार संतुलन क्या है?
Ans. किसी देश के वस्तुओं के निर्यात और आयात के मूल्य के बीच का अंतर व्यापार संतुलन कहलाता है। निर्यात का मूल्य अधिक होने पर अनुकूल और आयात का मूल्य अधिक होने पर प्रतिकूल व्यापार संतुलन कहा जाता है।
Q. पर्यटन को व्यापार और रोजगार का साधन कैसे माना जाता है?
Ans. पर्यटन से होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, भोजन और स्थानीय सेवाओं की माँग बढ़ती है। इससे रोजगार, स्थानीय आय और विदेशी मुद्रा अर्जित करने के अवसर पैदा होते हैं।
Q. परिवहन और संचार आर्थिक विकास में कैसे मदद करते हैं?
Ans. परिवहन कच्चे माल और तैयार वस्तुओं की आवाजाही आसान बनाता है, जबकि संचार सूचना और बाजार संबंधी जानकारी उपलब्ध कराता है। दोनों मिलकर व्यापार और उत्पादन को बढ़ावा देते हैं।
Q. परिवहन के विकास से क्षेत्रीय असमानताएँ कैसे कम हो सकती हैं?
Ans. बेहतर परिवहन से दूरस्थ क्षेत्रों को बाजार, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार से जोड़ना आसान होता है। इससे निवेश और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।
Q. परिवहन के साधनों का सतत विकास क्यों आवश्यक है?
Ans. सतत परिवहन से ईंधन की खपत, प्रदूषण और यातायात संबंधी समस्याएँ कम की जा सकती हैं। सार्वजनिक परिवहन, बेहतर रेल व्यवस्था और स्वच्छ ऊर्जा आधारित साधन इसमें सहायक हैं।