❓ Question Answer

Chapter 9 - सूक्तयः

Q. सूक्तयः शब्द का हिंदी अर्थ क्या है?
Ans. सुंदर, सारगर्भित और हितकारी वचन।
Q. सूक्ति किसे कहते हैं?
Ans. ऐसे सारपूर्ण वचन को सूक्ति कहते हैं जो अच्छी शिक्षा प्रदान करता है।
Q. सूक्तियों का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Ans. जीवन में ज्ञान, सदाचार और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देना।
Q. सूक्तियों से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?
Ans. सत्य, परोपकार, विनम्रता और विवेकपूर्ण आचरण की प्रेरणा मिलती है।
Q. विद्या का क्या महत्व है?
Ans. विद्या ज्ञान बढ़ाती है और उचित-अनुचित का बोध कराती है।
Q. सत्य का पालन क्यों करना चाहिए?
Ans. सत्य विश्वास और नैतिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार है।
Q. परोपकार का क्या अर्थ है?
Ans. दूसरों की सहायता करना और उनके कल्याण के लिए कार्य करना।
Q. विनम्रता मनुष्य का महत्वपूर्ण गुण क्यों है?
Ans. विनम्रता से व्यक्ति दूसरों का सम्मान करता है और अच्छे संबंध बनाता है।
Q. समय का सदुपयोग क्यों आवश्यक है?
Ans. समय का सदुपयोग करने से कार्य समय पर पूरे होते हैं और सफलता की संभावना बढ़ती है।
Q. परिश्रम का क्या महत्व है?
Ans. परिश्रम से ज्ञान, कौशल और लक्ष्य प्राप्त करने की क्षमता विकसित होती है।
Q. सज्जन व्यक्ति की पहचान क्या है?
Ans. सज्जन व्यक्ति सत्यनिष्ठ, विनम्र और परोपकारी होता है।
Q. दुर्जन व्यक्ति से सावधान क्यों रहना चाहिए?
Ans. उसके अनुचित व्यवहार से हानि हो सकती है।
Q. मधुर वाणी का क्या लाभ है?
Ans. मधुर वाणी से आपसी संबंध अच्छे बनते हैं और सद्भाव बढ़ता है।
Q. अहंकार से क्या हानि हो सकती है?
Ans. अहंकार से व्यक्ति दूसरों का अपमान कर सकता है और संबंध बिगाड़ सकता है।
Q. सत्संग का क्या अर्थ है?
Ans. सज्जन और ज्ञानवान व्यक्तियों की संगति को सत्संग कहते हैं।
Q. धैर्य का क्या महत्व है?
Ans. धैर्य कठिन परिस्थितियों में शांत रहकर सही निर्णय लेने में सहायता करता है।
Q. ज्ञान और आचरण में क्या संबंध है?
Ans. ज्ञान तभी अधिक उपयोगी होता है जब उसे अच्छे आचरण में अपनाया जाए।
Q. मनुष्य को लोभ से क्यों बचना चाहिए?
Ans. लोभ व्यक्ति को अनुचित कार्यों की ओर प्रेरित कर सकता है।
Q. विद्यार्थियों के लिए सूक्तियाँ क्यों उपयोगी हैं?
Ans. सूक्तियाँ विद्यार्थियों को नैतिक शिक्षा, अच्छी आदतें और जीवनोपयोगी ज्ञान देती हैं।
Q. सूक्तयः पाठ की मुख्य शिक्षा क्या है?
Ans. हमें ज्ञान, सत्य, परिश्रम, विनम्रता और सदाचार को जीवन में अपनाना चाहिए।

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