Q. पर्यावरण क्या है?
Ans. हमारे आसपास उपस्थित जैविक और अजैविक घटकों तथा उनके पारस्परिक संबंधों के समुच्चय को पर्यावरण कहते हैं।
Q. पर्यावरण के प्रमुख घटक कौन-कौन से हैं?
Ans. वायुमंडल, जलमंडल, स्थलमंडल और जीवमंडल।
Q. जैविक घटक क्या हैं?
Ans. जीवित घटक जैसे पेड़-पौधे, पशु, मनुष्य और सूक्ष्मजीव।
Q. अजैविक घटक क्या हैं?
Ans. निर्जीव घटक जैसे वायु, जल, मिट्टी, प्रकाश और तापमान।
Q. पारिस्थितिकी तंत्र क्या है?
Ans. जीवों और उनके भौतिक पर्यावरण के बीच पारस्परिक क्रिया से बनी कार्यात्मक इकाई।
Q. खाद्य श्रृंखला क्या है?
Ans. जीवों के बीच भोजन के माध्यम से ऊर्जा और पोषक तत्वों के स्थानांतरण का क्रम।
Q. जैव विविधता क्या है?
Ans. जीवों, उनकी प्रजातियों और पारिस्थितिक तंत्रों में पाई जाने वाली विविधता।
Q. जैव विविधता संरक्षण क्यों आवश्यक है?
Ans. प्राकृतिक संतुलन, पारिस्थितिक सेवाओं और प्रजातियों के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए।
Q. ग्लोबल वार्मिंग क्या है?
Ans. मुख्यतः मानवजनित ग्रीनहाउस गैसों के कारण पृथ्वी के औसत तापमान में दीर्घकालिक वृद्धि।
Q. प्रमुख ग्रीनहाउस गैसों के नाम बताइए।
Ans. कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन, नाइट्रस ऑक्साइड और जलवाष्प।
Q. जलवायु परिवर्तन का एक प्रमुख कारण क्या है?
Ans. जीवाश्म ईंधन का दहन, वनों की कटाई और अन्य गतिविधियों से ग्रीनहाउस गैसों की वृद्धि।
Q. ओजोन परत का मुख्य कार्य क्या है?
Ans. सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों के बड़े हिस्से को अवशोषित करना।
Q. ओजोन परत के क्षय का प्रमुख कारण क्या रहा है?
Ans. CFC जैसे ओजोन-क्षयकारी पदार्थों का उत्सर्जन।
Q. अम्लीय वर्षा क्या है?
Ans. सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसों से बनने वाले अम्लों के कारण वर्षा का अधिक अम्लीय होना।
Q. वायु प्रदूषण के दो प्रमुख स्रोत बताइए।
Ans. वाहनों का धुआँ और उद्योगों तथा बिजलीघरों में ईंधन का दहन।
Q. जल प्रदूषण क्या है?
Ans. जल में हानिकारक पदार्थों या सूक्ष्मजीवों की उपस्थिति से उसकी गुणवत्ता में गिरावट।
Q. वनों की कटाई के दो दुष्परिणाम बताइए।
Ans. जैव विविधता में कमी और मृदा अपरदन में वृद्धि।
Q. नवीकरणीय ऊर्जा के दो उदाहरण दीजिए।
Ans. सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा।
Q. 3R सिद्धांत का क्या अर्थ है?
Ans. Reduce (कम उपयोग), Reuse (पुनः उपयोग) और Recycle (पुनर्चक्रण)।
Q. सतत विकास क्या है?
Ans. ऐसा विकास जो वर्तमान की आवश्यकताओं को पूरा करे और भविष्य की पीढ़ियों की आवश्यकताओं को पूरा करने की क्षमता से समझौता न करे।