❓ Question Answer

Chapter 4 - Motivation

Q. प्रेरणा (Motivation) क्या है?
Ans. प्रेरणा वह आंतरिक या बाहरी प्रक्रिया है जो व्यक्ति को किसी लक्ष्य की ओर कार्य करने के लिए ऊर्जा, दिशा और निरंतरता प्रदान करती है।
Q. शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में प्रेरणा का क्या महत्व है?
Ans. प्रेरणा विद्यार्थियों की रुचि, ध्यान, सक्रिय भागीदारी, प्रयास और सीखने की इच्छा को बढ़ाती है।
Q. आंतरिक प्रेरणा (Intrinsic Motivation) क्या है?
Ans. जब व्यक्ति किसी कार्य को अपनी रुचि, जिज्ञासा, आनंद या आत्मसंतुष्टि के लिए करता है, तो इसे आंतरिक प्रेरणा कहते हैं।
Q. बाह्य प्रेरणा (Extrinsic Motivation) क्या है?
Ans. जब व्यक्ति पुरस्कार, अंक, प्रशंसा, प्रमाणपत्र या दंड से बचने जैसे बाहरी परिणामों के कारण कार्य करता है, तो इसे बाह्य प्रेरणा कहते हैं।
Q. आंतरिक और बाह्य प्रेरणा में मुख्य अंतर क्या है?
Ans. आंतरिक प्रेरणा कार्य के भीतर मिलने वाली रुचि या संतुष्टि से आती है, जबकि बाह्य प्रेरणा बाहरी पुरस्कारों या परिणामों से प्रभावित होती है।
Q. मास्लो का आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत क्या है?
Ans. मास्लो ने आवश्यकताओं को सामान्यतः शारीरिक, सुरक्षा, प्रेम एवं अपनापन, सम्मान तथा आत्मसाक्षात्कार के स्तरों में व्यवस्थित किया।
Q. मास्लो के अनुसार सबसे बुनियादी आवश्यकताएँ कौन-सी हैं?
Ans. शारीरिक आवश्यकताएँ, जैसे भोजन, पानी, नींद और विश्राम।
Q. आत्मसाक्षात्कार (Self-actualization) का क्या अर्थ है?
Ans. अपनी क्षमताओं, प्रतिभाओं और संभावनाओं का सर्वोत्तम विकास करने की प्रक्रिया आत्मसाक्षात्कार कहलाती है।
Q. उपलब्धि प्रेरणा (Achievement Motivation) क्या है?
Ans. किसी लक्ष्य को सफलतापूर्वक प्राप्त करने, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने और अपनी क्षमता सिद्ध करने की इच्छा उपलब्धि प्रेरणा कहलाती है।
Q. उपलब्धि प्रेरणा का सिद्धांत किस मनोवैज्ञानिक से संबंधित है?
Ans. डेविड मैक्लीलैंड उपलब्धि, संबद्धता और शक्ति संबंधी आवश्यकताओं के सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध हैं।
Q. लक्ष्य निर्धारण सिद्धांत किसने प्रस्तुत किया?
Ans. एडविन लॉक ने लक्ष्य निर्धारण सिद्धांत विकसित किया; गैरी लैथम ने इसके विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
Q. प्रेरणा में पुनर्बलन की क्या भूमिका है?
Ans. पुनर्बलन किसी व्यवहार को दोबारा करने की संभावना बढ़ा सकता है और सीखने के प्रयासों को प्रोत्साहित कर सकता है।
Q. सकारात्मक पुनर्बलन क्या है?
Ans. वांछित व्यवहार के बाद प्रशंसा या अन्य उपयुक्त प्रोत्साहन देना सकारात्मक पुनर्बलन कहलाता है।
Q. प्रेरणा में रुचि का क्या महत्व है?
Ans. रुचि विद्यार्थी का ध्यान आकर्षित करती है और विषय को समझने तथा अभ्यास करने की तत्परता बढ़ाती है।
Q. प्रेरणा और अधिगम में क्या संबंध है?
Ans. प्रेरणा सीखने की शुरुआत, प्रयास और निरंतरता को प्रभावित करती है, जबकि सफलता और प्रगति आगे की प्रेरणा को बढ़ा सकती है।
Q. आत्म-प्रभावकारिता (Self-efficacy) क्या है?
Ans. किसी विशेष कार्य को सफलतापूर्वक करने की अपनी क्षमता पर व्यक्ति का विश्वास आत्म-प्रभावकारिता कहलाता है।
Q. विद्यार्थियों में असफलता का भय प्रेरणा को कैसे प्रभावित करता है?
Ans. अत्यधिक असफलता-भय चिंता बढ़ा सकता है और प्रयास कम कर सकता है; सहायक वातावरण इसे कम करने में मदद करता है।
Q. शिक्षक विद्यार्थियों की प्रेरणा कैसे बढ़ा सकता है?
Ans. स्पष्ट लक्ष्य, रोचक गतिविधियाँ, उचित चुनौती, सकारात्मक प्रतिपुष्टि, विकल्प और प्रगति के अवसर देकर।
Q. प्रशंसा करते समय शिक्षक को किस बात का ध्यान रखना चाहिए?
Ans. प्रशंसा वास्तविक, विशिष्ट और प्रयास या रणनीति पर केंद्रित होनी चाहिए, न कि केवल तुलना या स्थायी लेबल पर।
Q. प्रेरित कक्षा का वातावरण कैसा होना चाहिए?
Ans. सुरक्षित, सहयोगात्मक, समावेशी और ऐसा वातावरण जिसमें विद्यार्थी प्रश्न पूछ सकें, गलतियों से सीख सकें और अपनी प्रगति देख सकें।

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